धरमघर (बागेश्वर)। बागेश्वर और पिथौरागढ़ की सीमा में बसे धरमघर कस्बे में बृहस्पतिवार से धरमघर महोत्सव शुरू हो गया है। महिलाओं ने भव्य कलश यात्रा निकाली। महोेत्सव का शुभारंभ मुख्य अतिथि वन क्षेत्राधिकारी नारायण दत्त पांडे और उत्तराखंड ग्रामीण बैंक के स्थानीय प्रबंधक अवनेंद्र चौहान ने दीप जलाकर किया।
महोत्सव स्थल रामलीला मैदान में वन क्षेत्राधिकारी पांडे ने कहा कि महोत्सवों से जहां आपसी सद्भाव बढ़ता है, वहीं भावी पीढ़ी को अपनी संस्कृति का भी बोध होता है। ग्रामीण बैंक के प्रबंधक चौहान ने कहा कि विभिन्न बोली के लिए ख्याति प्राप्त इस राज्य की संस्कृति भी महान है। उन्होंने लोगों से महोत्सव में प्रस्तुत कार्यक्रमों का लुत्फ उठाने को कहा।
गुरुकुल पब्लिक स्कूल के बच्चों ने अतिथियों के स्वागत में गीत पेश किया। हिमालया पब्लिक स्कूल चौकोड़ी के बच्चों ने बेेड़ू पाको बारो मासा..., राइंका स्यांकोट के बच्चों ने ओ रंगीली बाना..., एकलब्य स्कूल के बच्चों ने सिलगढ़ी को पारा...और राइंका सनगाड़ के बच्चों ने हिमा ह्यूं पड़ो डाना...समेत कई मनभावन कार्यक्रम पेश किए।
इस मौके पर स्कू ली बच्चों की कैरम, शतरंज और निबंध प्रतियोगिता हुई। इससे पहले आसपास के गांवों की महिलाओं ने रंगोली ओड़कर और जनजाति की महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सजकर जनमिलन केंद्र से कार्यक्रम स्थल तक भव्य कलश यात्रा निकाली।
कमेटी के अध्यक्ष गोकुल पंचपाल ने सभी का स्वागत और मनोहर पंचपाल ने संचालन किया। वहां अवकाश प्राप्त प्रधानाध्यार्य हीरा सिंह धर्मशक्तू, चंद्र सिंह कार्की, महेश पाठक, ललित कांडपाल, राजेंद्र कार्की आदि मौजूद थे।