जिलाधिकारी भूपाल सिंह मनराल ने कहा कि शासन विकास योजनाओं के निर्माण की समयबद्धता और गुणवत्ता के प्रति गंभीर है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि विकास कार्यों में शिथिलता और कोताही सहन नहीं होगी।
डीएम जिला योजना, राज्य योजना, केंद्र पुरोनिधानित और वाह्य सहायतित योजनाओं की अब तक की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। डीएम ने अधिकारियों को विकास कार्यों के लक्ष्य हर हाल में 15 मार्च तक पूरा करने के निर्देश दिए।
विकास भवन सभागार में डीएम मनराल ने कहा कि शासन विकास योजनाओं में धन उपलब्ध कराने में देरी नहीं कर रहा है। इसलिए अधिकारियों को भी चाहिए कि विकास कार्य समय से पूरा करें। विकास योजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता पर खास ख्याल रखें।
विकास योजनाओं का समय-समय पर मुआयना किया जाए। 20 सूत्री कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए डीएम ने अधिकारियों को जिले को ए श्रेणी में लाने के लिए कड़ी मेहनत करने के निर्देश दिए।
सीडीओ डा.महेश कुमार ने बताया कि शासन ने जिला सेक्टर के तहत जिले के लिए अनुमोदित परिव्यय 5069.00 लाख रुपये के सापेक्ष अब तक 4174.80 लाख रुपये जारी कर दिए हैं।
इसमें से विभिन्न विभागों को 4174.22 लाख रुपये दे दिया गया है। विभागों ने 2991.91 लाख रुपये ही खर्च किए हैं। राज्य सेक्टर के तहत अनुमोदित 19899.92 लाख रुपये के सापेक्ष जिले को 7234.79 लाख रुपये के परिव्यय के सापेक्ष जिले को 7234.79 लाख रुपये अवमुक्त हुए जिसके सापेक्ष विभागों ने अभी तक विकास कार्यों में 5291.12 रुपये खर्च कर लिए हैं।
सीडीओ ने अधिकारियों को सभी योजनाओं को समय से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने आगामी वित्तीय वर्ष 2016-17 की जिला योजना के लिए अभी से तैयारी करने के निर्देश दिए। वहां डीएफओ एमबी सिंह, लोनिवि के एसई नरेंद्र पाल सिंह, ईई आरके पुनेठा, डिप्टी सीएमओ डा. सक्सेना और प्रभारी अर्थ संख्या अधिकारी गोपाल सिंह कालाकोटी आदि थे।