पीएमजीएसवाई की निर्माणाधीन शरण-बघर सड़क के मलबे से उरेडा की लघु जल विद्युत परियोजना की तोली परियोजना की नहर और लाइन ध्वस्त हो गई है। बत्ती गुल होने से क्षेत्र के पांच गांवों की जनता को जहां कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं गांवों के कुटीर उद्योग ठप पड़ गए हैं। परिषदीय परीक्षाएं सामने हैं रात में रोशनी नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई भी चौपट हो गई है। ग्रामीणों ने उरेडा से इस समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार निर्माणाधीन शरण-बघर सड़क के मलबे से तोली लघु जल विद्युत परियोजना की नहर और लाइन जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। आपूर्ति ठप होने से जहां आम जनता परेशान है, वहीं कुटीर उद्योग धंधों पर ताला लग गया है। बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित है। ग्रामीणों को रात में तेंदुओं और अन्य जंगली जानकारों का भय अलग से सता रहा है। ग्रामीणों ने उरेडा के अधिकारियों से परियोजना को शीघ्र दुरुस्त करने की मांग की है।
उन्होंने मांग शीघ्र पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। चेतावनी देने वालों में बीडीसी सदस्य प्रकाश जोशी, पूर्व ग्राम प्रधान देव सिंह, गोबर्द्धन पाठक, बलंवत गढ़िया आदि शामिल हैं। इधर उरेडा के जेई एसएल गौतम ने बताया कि उन्हें क्षति की अभी तक जानकारी नहीं है। सोमवार को वह मौके पर जाकर नुकसान का आकलन कर पीएमजीएसवाई को पत्र लिखेंगे।