आजीविका परियोजना के प्रभागीय प्रबंधन की जिला इकाई की ओर से शनिवार को यहां समन्वय एवं अनुश्रवण समिति की द्वितीय बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने आजीविका परियोजना और विभागीय योजनाओं के मध्य बेहतर तालमेल पर जोर दिया। कहा कि एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना सराहनीय है। इसके संचालन से क्षेत्र में उन्नत कृषि, पशुपालन को आय का जरिया बनाकर गरीब परिवारों की आजीविका सुधारने के लिए सार्थक पहल हुई है।
विकास भवन सभागार में हुई बैठक में परियोजना के प्रभागीय प्रबंधक धर्मेंद्र पांडेय ने पिछले त्रैमास में संचालित परियोजना गतिविधियों, उपलब्धियों और भावी कार्ययोजना के बारे में जानकारी दी। कहा कि वर्तमान में परियोजना राज्य के 11 जिलों के 42 ब्लॉकों में संचालित की जा रही है।
जिले के तीनों ब्लॉकों में कुल 10035 परिवार आच्छादित किए गए हैं। स्थानीय उत्पादों के संग्रहण, ग्रेडिंग, पैकेजिंग एवं विपणन हेतु संग्रहण केंद्र तैयार किए जा रहे हैं। ताकि किसानों को अपने उत्पादों का उचित मूल्य मिल सके। परियोजना मुख्यत: सबसे गरीब परिवारों को क्षमता वृद्धि के साथ आयवर्द्धक गतिविधियों के माध्यम से उनकी आजीविका बढ़ाने का काम कर रही है। सीडीओ एसएसएस पांगती ने सरकारी, गैर सरकारी स्तर पर संचालित योजनाओं और परियोजनाओं का लाभ गरीब व्यक्ति तक पहुंचाने को कहा। डीडीओ केएन तिवारी ने महिला सशक्तीकरण के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी। वर्तमान में मुख्यमंत्री स्वयं सहायता समूह सशक्तीकरण परियोजना के तहत समूह के माध्यम से गोठ सुधार, मछली तालाब, नर्सरी निर्माण, जैविक खेती, सिंचाई टैंक, मुर्गीपालन आदि गतिविधियां मनरेगा योजना के सहयोेग से संचालित की जा रही हैं।
साथ ही समूह के व्यावसायिक क्रियाकलापों के लिए 50 हजार रुपए हर समूह को मिल सकते हैं। बैठक में समन्वय, अनुश्रवण समिति के सदस्यों द्वारा गरुड़ ब्लॉक के बैजनाथ, अन्नपूर्णा सहकारिता द्वारा स्थानीय चावल बैग के लिए हिलांश कत्यूर राइस ब्रांड, फेणीनाग सहकारिता धरमघर में बने मफलर के माध्यम से स्वच्छता का संदेश देने के लिए मफलर पर स्वच्छ भारत मिशन के लोगो का विमोचन किया गया। बैठक में ब्लॉक प्रमुख रेखा खेतवाल, आजीविका परियोजना के सहायक प्रबंधक संस्था/जेंडर प्रकाश पाठक, आरके श्रीवास्तव, वीरेंद्र गुसांई, विशन लुम्याल, गोविंद प्रसाद समेत विभिन्न रेखीय विभागों के अधिकारी, स्वायत्त सहकारिताओं के अध्यक्ष मौजूद थे।