बागेश्वर। पब्लिक स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन (पीएसडब्ल्यूए) के पदाधिकारियों ने डीएम रंजना राजगुरु के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। इसमें शिक्षकों को मानदेय देने या अभिभावकों से फीस लेने की अनुमति देने की मांग की गई। ज्ञापन की प्रति विद्यालयी शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे को भी भेजी गई है।
एसोसिएशन का कहना है कि मार्च से छात्र, छात्राओं की स्कूल फीस जमा नहीं हो रही है। इसके बावजूद स्कूल संचालकों ने फीस लिये बिना दो माह का वेतन शिक्षकों और कर्मचारियों को दे दिया लेकिन अब उन्हें वेतन दे पाना संभव नहीं है। कोरोना काल में पब्लिक स्कूलों के स्टाफ को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। इसका बुरा असर उनके परिवार पर भी पड़ रहा है। छात्र, छात्राओं को ऑनलाइन पढ़ाने के लिए शिक्षकों के पास रिचार्ज कराने तक के लिए रुपये नहीं हैं। कहा है कि सरकार पब्लिक स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों की ओर भी ध्यान दे। सरकार से इस मामले में शीघ्र कोई निर्णय लेने का निवेदन किया है। ज्ञापन देने वालों में एसोसिएशन के अध्यक्ष घनानंद जोशी, सचिव गौरव पंत, हरीश पांडे, उमेश जोशी, आशा तिवारी, रेखा धामी, दुर्गा असवाल आदि थे।
निजी स्कूलों के शिक्षकों ने की आर्थिक मदद की मांग
बागेश्वर। निजी स्कूलों के शिक्षकों ने डीएम रंजना राजगुरु से आर्थिक मदद दिलाने की मांग की है। डीएम को सौंपे ज्ञापन में निजी स्कूलों के स्टाफ ने कहा कि कोरोना संक्रमण को लेकर हुए लॉकडाउन के कारण स्कूूल बंद होने से निजी स्कूलों के शिक्षकों की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर हो गई है। स्कूल बंद होने से बच्चों की फीस जमा नहीं हो पा रही है। निजी स्कूलों के शिक्षकों को वेतन के लाले पड़ गए हैं। कहा है कि योग्यता के आधार पर शिक्षकों का वेतन निर्धारित करने, प्रत्येक स्कूल में शिक्षकों का पीएफ एकाउंट खोलने, सरकारी स्कूलों की तर्ज पर निजी स्कूलों में समान कार्य, समान वेतन का नियम बनाया जाना चाहिए। ज्ञापन देने वालों में गिरीश मिश्रा, हेम पांडे, जोगा सिंह बोरा, पंकज लोहनी, कैलाश धपोला आदि थे।