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बागेश्वर में पेंशन कटौती बंद करने की मांग

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ागेश्वर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते पेंशनर्स। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। अटल आयुष्मान योजना के तहत बन रहे गोल्डन कार्ड के लिए पेंशन में से हो रही कटौती से सेवानिवृत्त कर्मचारियों में गुस्सा है। आक्रोशित पेंशनरों ने डीएम कार्यालय में प्रदर्शन कर भारी कटौती का विरोध जताया। मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर तत्काल मामले का संज्ञान लेने की मांग की। पेंशनरों ने 25 फरवरी तक समस्याओं का निदान नहीं होने पर विधायकों और मंत्रियों का घेराव करने की चेतावनी दी।
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उत्तराखंड राज्य कर्मचारी, अधिकारी एवं शिक्षक पेंशनर्स संगठन के जिलाध्यक्ष केशवानंद जोशी के नेतृत्व में सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। जोशी ने कहा कि सरकार अटल आयुष्मान योजना के तहत चिकित्सा उपचार के रूप में पेंशन पर भारी कटौती कर रही है। उन्होंने इस कटौती को तत्काल बंद करने की मांग की। कर्मचारियों ने अन्य नागरिकों के समान पेंशनर्स और पारिवारिक पेंशनर्स को भी निशुल्क चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने को कहा। अनलिमिटेड चिकित्सा उपचार कराने वाले पेंशनरों की सहमति लेकर ही गोल्डन कार्ड बनाने और उनकी पेंशन से कटौती करने की भी मांग की। कर्मचारियों ने तीनों बिंदुओं पर जल्द कार्यवाही करने को कहा। नियत समय तक मांगों का संज्ञान नहीं लिए जाने पर प्रदेश में विधायकों और मंत्रियों का घेराव कर धरना-प्रदर्शन करने की चेेतावनी दी। इस मौके पर सचिव नारायण सिंह गढ़िया, प्रांतीय संगठन मंत्री बहादुर सिंह परिहार, श्रीराम आगरी, हरीश चंद्र उपाध्याय, गिरीश चंद्र पांडेय, बची सिंह कार्की, बचगिरी गोस्वामी आदि मौजूद रहे।
गोल्डन कार्ड की विसंगतियां दूर करो
अल्मोड़ा। गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर आर्गेनाइजेशन जिला शाखा की वर्चुअल बैठक में वक्ताओं ने गोल्डन कार्ड की विसंगतियां दूर नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी। वक्ताओं ने अटल आयुष्मान योजना के अंतर्गत गोल्डन कार्ड के नाम पर पेंशनरों, पारिवारिक पेंशनरों के पेंशन से कार्यरत कर्मचारियों के समान अंशदान काटने पर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि अंशदान की कटौती उन पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों से भी कर दी गई, जिन्होंने अभी तक गोल्डन कार्ड नहीं बनाए हैं। किसी परिवार में पति-पत्नी सरकारी पेंशनर है तो दोनों की पेंशन से कटौती की गई है। महासचिव हेम चंद्र जोशी ने कहा कि ओपीडी कैशलेस न होने के कारण गोल्डन कार्ड स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं। हरीश जोशी के अनुसार उन्होंने दिल्ली के एक अस्पताल में जानकारी ली तो उन्होंने गोल्डन कार्ड स्वीकार करने से मना कर दिया। कई चिकित्सालयों में अब तक अनुबंध नहीं किया गया है। चंद्रमणि भट्ट ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से पेंशनरों के लिए स्वास्थ्य योजना में कैशलेस योजना स्वैच्छिक है। पेंशनरों को चिकित्सा भत्ते के रूप में एक हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन के साथ मिलता है। पेंशनरों की अंशदान कटौती पेंशन के अनुरूप आधी की जाए। बैठक में नवीन पाठक, गोकुल रावत, पीएस सत्याल, एमसी कांडपाल, हरीश जोशी, जीडी कोठारी, गिरीश जोशी, पीएल साह, डॉ. जेसी दुर्गापाल, श्याम सिंह रावत, पीएस बोरा, लक्ष्मण सिंह ऐठानी, मथुरा दत्त मिश्रा, पुष्पा कैड़ा लीला खोलिया, गिरीश तिवारी आदि मौजूद थे।
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पेंशनरों ने मांगों को लेकर तहसील में सौंपा ज्ञापन
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। सेवानिवृत्त राजकीय पेंशनर्स संगठन ने ज्ञापन तहसीलदार सतीश बर्थवाल को सीएम को संबोधित सौंपा। उन्होंने अनलिमिटेड चिकित्सा उपचार शुल्क के नाम पर पेंशन से की जा रही कटौली बंद कर नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा प्रदान करने की मांग की है। उन्होंने कटौती अनिवार्य होने पर वेतनभोगियों की तुलना में पेंशनरों से आधी राशि की कटौती करने को कहा। वहां संगठन अध्यक्ष एलडी मठपाल, सचिव भगवत सिंह बिष्ट, पदम सिंह रावत, गणेश फुलोरिया, नंदाबल्लभ जोशी आदि थे।
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