बागेश्वर। टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन निर्माण में देरी के विरोध में रेल मार्ग निर्माण संघर्ष समिति के बैनर तले एकत्र लोगों ने प्रदर्शन कर रोष जताया।
संघर्ष समिति के बैनर तले रविवार को तहसील परिसर में एकत्र लोगों ने रेल लाइन निर्माण के लिए नारेबाजी की। समिति की अध्यक्ष नीमा दफौटी ने कहा कि अंग्रेजों के समय में वर्ष 1911-12 में पहली बार टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन की सर्वे की गई थी। कुल छह बार रेल लाइन का सर्वे हो चुका है।
इसके बाद वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान हल्द्वानी में हुई भाजपा की सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेल लाइन के निर्माण की घोषणा की थी लेकिन इसके लिए बजट स्वीकृत नहीं किया गया है। कहा कि रेल लाइन निर्माण के लिए बार-बार बरगलाना ठीक नहीं है। इसके लिए कई जिलों के लोगों को इंतजार है।
पूर्व पालिकाध्यक्ष गीता रावल, कांग्रेस नेत्री इंदिरा जोशी, पूर्व कनिष्ठ उपप्रमुख सुनीता टम्टा ने कहा कि रेल लाइन निर्माण के लिए संघर्ष तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में हयात सिंह मेहता, मालती पांडे, केशवानंद जोशी, रतन सिंह शाही, भावना रावत, सरस्वती गैलाकोटी, पार्वती पांडे, हेमलता, हितेश खेतवाल, नमीश रावत आदि शामिल थे।
रेल लाइन निर्माण संघर्ष समिति के लोगों ने प्रदर्शन कर रोष जताया।