मुख्यमंत्री हरीश रावत ने 23 नवंबर को कर्मी और भनार मेले के शुभारंभ पर बड़ी ग्राम पंचायतों में कर्मी, भनार, पोथिंग, लीती में छोटे-छोटे राजस्व गांव बनाने की घोषणा की थी। सीएम की घोषणा अब रंग लाने लगी है।
तहसीलदार मदन सिंह बिरोड़िया ने संबंधित गांवों में जाकर ग्रामीणों को बड़े राजस्व गांवों को छोटे राजस्व गांव बनाने की प्रक्रिया के बारे में बताया। तहसीलदार ने ग्रामीणों ने बताया कि राजस्व गांव का निर्धारण रौली और धार से होगा। इसके लिए पहले ग्रामीण आपस में बैठकर राजस्व गांव की सीमा का निर्धारण खुद करें।
ताकि अलग राजस्व गांव बनने से भविष्य में किसी को भी कोई परेशानी न हो। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि वह आपस में सहमति बनाकर प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराएं ताकि राजस्व गांवों का पुनर्गठन करके मसौदा उच्चाधिकारियों के माध्यम से समय से शासन को भेजा जा सके। बैठकों में ग्रामीण बढ़-चढ़कर शामिल हुए। बैठकों में राजस्व निरीक्षक और क्षेत्रीय राजस्व उप निरीक्षक मौजूद थे।