आखिरकार वही हुआ जिसके कयास लगाए जा रहे थे। बागेश्वर में भाजपा नेतृत्व ने बागियों को हटाकर न केवल पार्टी अनुशासन को तरजीह दी है बल्कि जिलाध्यक्ष को छह साल के लिए बर्खास्त कर पार्टी लाइन से हटकर कार्य करने वालों को एक सख्त संकेत भी दिया है। टिकट बंटवारे के बाद मचे घमासान को शांत करने के लिए कुमाऊं में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष केदार जोशी को जिम्मा सौंपा गया है।
बागेश्वर पहुंचे जिला प्रभारी और प्रदेश उपाध्यक्ष केदार जोशी ने कहा कि भाजपा ने उमा बिष्ट को बागेश्वर का जिलाध्यक्ष बनाकर मातृ शक्ति को सम्मान दिया था। उमा बिष्ट का इस तरह से नाराज होकर पार्टी के खिलाफ जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। इसके लिए उन्हें छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है। जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारियों की वापसी के पर उन्होंने कहा कि भाजपा के दरवाजे खुले हैं जो भी पार्टी में आना चाहता है उसका स्वागत है। लेकिन पार्टी लाइन से हटकर कार्य करने वालों को सहन नहीं किया जाएगा।
उन्होंने साफ किया कि किसी भी कार्यकर्ता द्वारा पार्टी विरोधी गतिविधि करने पर बिना देरी किए अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। बागियों के कारण बागेश्वर की दोनों सीटों में होने वाले नुकसान के सवाल पर जोशी ने कहा कि उन्हें नए अध्यक्ष पर भरोसा है। समर्पित कार्यकर्ताओं की पूरी टीम तैयार हो गई है। उन्होंने कहा कि बागेश्वर जिले की दोनों सीटों को जीतने के साथ ही प्रदेश में पूरे बहुमत के साथ जीतकर भाजपा की सरकार बनेगी।