जिलाध्यक्ष का स्वागत करते कार्यकर्ता
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने टिकट बंटवारे के बाद बगावत करने पर बागेश्वर की जिलाध्यक्ष उमा बिष्ट को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। पूरी कार्यकारिणी भंग करने के बाद पूर्व विधायक शेर सिंह गढिय़ा को पार्टी का जिलाध्यक्ष बनाया गया है।
बागेश्वर और कपकोट सीट में टिकट बंटवारे से नाराज होकर भाजपा जिलाध्यक्ष उमा बिष्ट ने पूरी कार्यकारिणी के साथ सामूहिक इस्तीफा दे दिया था। उमा बिष्ट कपकोट सीट में प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य भूपेश उपाध्याय के लिए टिकट मांग रही थीं। बगावत को देखते हुए जिला प्रभारी केदार जोशी ने बुधवार को बागेश्वर पहुंचकर नगर और ग्रामीण मंडल के कार्यकर्ताओं के साथ ही दोनों प्रत्याशियों से भी मंथन किया था। इसके बाद बागियों से भी वार्ता का प्रयास किया गया, परंतु जिलाध्यक्ष उमा बिष्ट नहीं मानीं।
जिलाध्यक्ष के नहीं मानने की रिपोर्ट प्रदेश स्तर पर जाते ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने उमा बिष्ट को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया। साथ ही पूरी कार्यकारिणी भंग कर नई कार्यकारिणी गठित कर दी। गुरुवार को पार्टी के चुनाव कार्यालय में नई कार्यकारिणी का गठन कर कपकोट के पूर्व विधायक शेर सिंह गढिय़ा को जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया। शिव सिंह बिष्ट और सुरेश कांडपाल जिला महामंत्री बनाए गए हैं। जगदीश कालाकोटी, दयाल ऐठानी, इंद्र सिंह बिष्ट, घनश्याम जोशी, इंद्र सिंह फर्स्वाण, नरेंद्र रावत, कुंदन रैखोली, हेम रावत को उपाध्यक्ष, दयाल कांडपाल, कलावती दीवान, हीरा कोहली, मोहन सिंह रावत, पुष्पलता मेहता, महेश कालाकोटी, लाल सिंह टाकुली, माया गढिय़ा को जिला मंत्री, सुबोध लाल शाह को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।