जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने उद्योग विभाग को स्थानीय कच्चे माल पर आधारित उद्यमों को बढ़ावा देेने के निर्देश दिए। उन्होंने नई पीढ़ी की पसंद के अनुसार रोल मॉडल के रूप में उद्यमों को विकसित करने पर जोर दिया। वह विकास भवन सभागार में उत्तराखंड हस्तशिल्प विकास परिषद की जिला स्तरीय परामर्षदाती अनुश्रवण समिति एवं उद्योग मित्र की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
बैठक में योजना के तहत पूर्व में प्रशिक्षित शिल्पियों की समस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया। जिले में ताम्र उद्योग के सफल संचालन के लिए तांबा बैंक की स्थापना का सुझाव दिया गया। जिले में स्थापित उद्यमों से उनके द्वारा निर्मित सामान के विपणन के लिए सभी विभागों को निर्देशित किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि जिला स्तर पर होने वाली बैठकों में स्थानीय उत्पादों मकीन, बिस्कुट, चिप्स आदि सामग्री की आपूर्ति की जाए। महिला उद्यमियों से ही कार्यालय में प्रयुक्त होने वाले लिफाफे क्रय कर करने विचार किया गया।
जिलाधिकारी ने स्थानीय कच्चे माल पर आधारित उद्यमों को बढ़ावा देते हुए लोगों की मांग के अनुसार बर्तन के अलावा मूर्ति निर्माण का सुझाव दिया। बैठक में अपर जिलाधिकारी एसएस जंगपांगी,अग्रणी बैंक अधिकारी आरएस रावत, जिला विकास अधिकारी केएन तिवारी समेत उद्यमी दलीप सिंह खेतवाल, शिवलाल, ललिता प्रसाद, निशा लूथरा आदि मौजूद थे। बैठक का संचालन महाप्रबन्धक उद्योग बीसी पाठक ने किया।