सैन्य सम्मान के साथ एसएसबी जवान प्रकाश थायत की अंत्येष्टि।
गरुड़ (बागेश्वर)। पुरुड़ा गांव निवासी एसएसबी की 56वीं बटालियन के जवान प्रकाश सिंह थायत का पार्थिव शरीर बुधवार को गांव पहुंचा। उनके परिजनों ने हत्या या आत्महत्या पर सवाल उठाए। बाद में गांव के चक्रवृतेश्वर घाट पर सैन्य सम्मान के साथ जवान की अंत्येष्टि की गई।
बिहार के सीतामढ़ी जिले में तैनाती के दौरान दो अप्रैल को एसएसबी के जवान प्रकाश सिंह थायत की मौत हुई थी। बुधवार सुबह आठ बजे विभागीय वाहन से उनका शव लेकर पैतृक गांव पहुंचे। जवान की पत्नी तारा थायत, पिता किशन सिंह थायत, बेटा साहिल और बेटी कोमल बदहवास हो गए।
ग्रामीणों और परिजनों ने ताबूत में जवान का शव देखा तो उनके शरीर पर चोट के कई निशान थे। इस पर ग्रामीणों ने हत्या या आत्महत्या पर सवाल उठाए हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जवान के मरने का कारण हैंगिंग से आत्महत्या अंकित है।
गार्ड ऑफ ऑनर देने के लिए एसएसबी ग्वालदम चमोली से अर्धसैनिक बलों की एक टुकड़ी पहुंंची थी। कपकोट के पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष शिव सिंह बिष्ट, प्रकाश के चाचा और इंटर काॅलेज गागरीगोल के प्रधानाचार्य किशन सिंह थायत, चंदू थायत, कंचन थायत, मृतक के भाई नरेश सिंह ने शव पर पुष्प चक्र अर्पित किए।
नहीं पहुंचा प्रशासन को कोई अधिकारी
गरुड़ (बागेश्वर)। एसएसबी के जवान के पार्थिव शरीर को पुष्प चक्र अर्पित करने प्रशासन की ओर से एसडीएम तो दूर पटवारी तक नहीं पहुंचा। हालांकि थाना बैजनाथ की एक महिला उपनिरीक्षक विनीता बिष्ट और पुलिस के कुछ जवान शांति व्यवस्था बनाने श्मशान घाट में पहुंचे थे।