बागेश्वर। गरुड़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से रेफर किए गए नवजात की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। उसके पिता ने अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाकर पुलिस को तहरीर दी है।
भिलकोट क्षेत्र गरुड़ के हरिनगरी गांव निवासी दिनेश प्रसाद ने बताया कि उनकी पत्नी प्रेमा देवी को प्रसव पीड़ा होने पर बृहस्पतिवार की देर रात गरुड़ अस्पताल में भर्ती किया गया। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे प्रेमा देवी ने सामान्य प्रसव से बच्चे को जन्म दिया। शाम करीब चार बजे बच्चे की तबियत बिगड़ने लगी। डॉक्टरों ने नवजात को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। रात आठ बजे नवजात को जिला अस्पताल लाया गया। शनिवार सुबह साढ़े छह बजे उसकी मृत्यु हो गई।
नवजात के पिता दिनेश प्रसाद ने पुलिस को तहरीर दी। इसमें अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि इलाज के बाद शुक्रवार रात बच्चे की तबियत में सुधार हो गया था। रात में अस्पताल स्टाफ ने बच्चे की देखभाल नहीं की, जिस कारण उसकी मौत हो गई। उन्होंने डीएम रंजना राजगुरु को भी प्रार्थना पत्र दिया है। उन्होंने इलाज में लापरवाही के लिए जिम्मेदार अस्पताल स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जिला अस्पताल पहुंचीं एसएसआई खष्टी बिष्ट और एसआई निशा पांडे ने पंचनामा भरा। दिनेश के मना करने पर शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया। बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
सांस की नली में दूध अटकने की आशंका
बागेश्वर। जिला अस्पताल के डॉ. मनीष पंत ने किसी प्रकार की लापरवाही से इंकार किया है। उनका कहना है कि बच्चे को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। सांस की नली में दूध अटकने से नवजात की मृत्यु की आशंका जताई गई।
प्रकरण संज्ञान में है। मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार अगला कदम उठाया जाएगा।
- डॉ. बीएस रावत, सीएमओ, बागेश्वर