बागेश्वर। जिले की दो महिलाओं ने अपने उत्कृष्ट कार्यों से बागेश्वर का नाम रोशन किया है। कपकोट तहसील के बोरबलड़ा निवासी दया दानू का चयन प्रतिष्ठित तीलू रौतेली पुरस्कार के लिए हुआ है। इसके अलावा फरसाली स्थित आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकर्ता आनंदी देवी को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार के लिए चुना गया है। दोनों को आठ अगस्त को देहरादून में सम्मानित किया जाएगा। पुरस्कार ग्रहण करने के लिए दया दानू और आनंदी देवी शुक्रवार को देहरादून रवाना होंगी।
दूरस्थ गांव बोरबलड़ा निवासी दया दानू ने औषधीय पौध कुटकी के उत्पादन और इससे जुड़े कार्यों को आजीविका का माध्यम बनाया। उन्होंने क्षेत्र की करीब 400 महिलाओं को कुटकी से जुड़े कार्यों के माध्यम से स्वरोजगार से जोड़ा और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी पहल से महिलाओं की आय के साधन बढ़ने के साथ पर्वतीय क्षेत्रों से होने वाले पलायन को रोकने में भी मदद मिल रही है।
उनके कार्यों को देखते हुए सरकार ने उन्हें तीलू रौतेली पुरस्कार के लिए चुना है। इससे पहले उन्हें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री की ओर से भी सम्मानित किया जा चुका है।
कपकोट के आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र फरसाली में तैनात आनंदी देवी ने विभागीय योजनाओं को पात्र परिवारों तक पहुंचाने में उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, महालक्ष्मी किट योजना और नंदा गौरा योजना का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
उन्होंने क्षेत्र के एक अति कुपोषित बच्चे को सामान्य श्रेणी में लाने के लिए विशेष प्रयास किए। बच्चे के माता-पिता को जागरूक करने के साथ पौष्टिक आहार के महत्व की जानकारी दी और नियमित देखभाल पर जोर दिया। उनके इसी समर्पण और कार्यशैली को देखते हुए विभाग ने उन्हें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार के लिए चयनित किया है।