बागेश्वर/कपकोट। लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन का सिलसिला जारी है। कपकोट के पोथिंग में एक मकान भूस्खलन से खतरे की जद में आ गया है। जिला मुख्यालय की सड़कों में जलभराव से लोग परेशान हैं। खासकर एनएच के अधीन सड़क में निकास नालियां बंद हैं।
कपकोट से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत पोथिंग में नंदन सिंह के मकान के आगे भूस्खलन हो गया है। उनका आंगन क्षतिग्रस्त हो गया है। मकान के लिए खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने मकान की सुरक्षा के लिए दीवार लगाने की मांग की है।
जिला मुख्यालय में बरसाती पानी के निकास की पुख्ता व्यवस्था न होने का खामियाजा लोगोें को भुगतना पड़ रहा है। तहसील रोड में नालियां बंद होने से गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। एक हैंडपंप पानी में डूब गया है। यह सड़क एनएच के अधीन है। जिलाधिकारी के निर्देश के बाद भी एनएच के अधिकारी पानी के निकास की व्यवस्था करने के प्रति सजग नहीं हुए हैं। सड़क की नालियां मलबे से पटी हैं। निकास नालियों में मलबा पटा होने से राहगीरों को साथ ही दुकानदारों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
बागेश्वर, कपकोट में हुई बारिश
बागेश्वर। शनिवार की रात को कपकोट में जमकर बारिश हुई। बागेश्वर में रविवार की सुबह हल्की बारिश हुई। आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार कपकोट में 12.50 एमएम बारिश रिकार्ड की गई।
बारिश से सरयू उफान पर
बागेश्वर। लगातार हो रही बारिश से सरयू नदी उफान पर है। सारे घाट जलमग्न हो गए हैं। बागेश्वर में सरयू और गोमती के संगम पर स्थित श्मशान घाट भी जलमग्न हो गया है। बागनाथ मंदिर के पास बनाए गए अस्थायी शवदाह स्थल पर शवों को जलाना पड़ रहा है। आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार रविवार को सरयू नदी का जलस्तर 866.30 मीटर था। गोमती का जलस्तर 862.10 मीटर था। दोनों नदियों का चेतावनी लेबल 869 मीटर, खतरनाक लेवल 870.70 मीटर है।
बागेश्वर-कपकोट समेत तीन सड़कों में रहा यातायात बाधित
बागेश्वर। बारिश के दौरान आए मलबे से रविवार को बागेश्वर से कपकोट जाने वाली सड़क बंद हो गई। जेसीबी लगाकर सड़क से मलबा हटाया गया। आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार रविवार को सनिगाड़-बास्ती सड़क किमी 2 पर मलबा आने से बंद हो गई। भयूं-गडेरा सड़क किमी 2 पर मलबा गिर गया था। दोनों सड़कों को खोलने के लिए जेसीबी लगाई गई है। सड़कों के बंद होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।