गरुड़ (बागेश्वर)। गोमती घाटी के छत्यानी के ग्रामीणों ने श्रमदान और भाईचारे की भावना को मूर्त रूप देने के लिए अपने ग्रामीण देवता को साक्षी मानकर जीवन में आगे बढ़ने के लिए गांव में श्रमदान कर मंदिर का निर्माण कार्य धार्मिक अनुष्ठान के साथ शुरू कर दिया है। मंदिर निर्माण सामग्री अंश को छोड़कर अन्य कार्य श्रमदान से करने का संकल्प लिया है।
छत्यानी गांव के युवाओं और ग्रामीणों ने कुछ दिन पूर्व बैठक कर गांव में भूमियाल मंदिर का निर्माण कार्य श्रमदान से करने का निर्णय लिया। ग्रामीणों के इस निर्णय को कई लोगों ने अपना समर्थन देने के साथ मंदिर निर्माण के लिए आर्थिक सहयोग देने के लिए हाथ बढ़ाया है। छत्यानी गांव निवासी सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य रणजीत सिंह भंडारी ने कहा कि इस पुनीत कार्य से जहां श्रमदान की भावना जागृत होगी वहीं भाईचारा को बढ़ावा मिलेगा। छत्यानी गांव निवासी राजेंद्र सिंह भंडारी, इंद्र सिंह रावत, सुरेंद्र सिंह भंडारी ने बताया कि मंदिर निर्माण में हर रोज गांव के पचास महिला-पुरुष श्रमदान कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव से कुछ ही दूर प्राचीन नर सिंह मंदिर, शिव धाम अंग्यारी महादेव, बधाण गढ़ी मंदिर है। यहां हर रोज सैकड़ों भक्त दर्शन करने आते हैं। छत्यानी में मंदिर निर्माण से गोमती घाटी के पर्यटन विकास को बल मिलेगा। संवाद