बागेश्वर के जिला अस्पताल में मरीजों की जांच करते चिकित्सक। संवाद न्यूज एजेंसी
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बागेश्वर। मौसम परिवर्तन के साथ ही जिला अस्पताल में रोगियों की संख्या बढ़ने लगी है। रोज चार सौ से अधिक नए रोगी अस्पताल पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल पर जिले की करीब तीन लाख की आबादी के साथ ही पिथौरागढ़ जिले के बेड़ीनाग, अल्मोड़ा जिले के ताकुला क्षेत्र के लोगों का भी दबाव है। गढ़वाल के चमोली जिले के सीमांत क्षेत्रों के लोग भी इलाज के लिए बागेश्वर आ रहे हैं।
अस्पताल में शुक्रवार को जिलेभर से बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंचे थे। पर्ची कटाने के लिए लोगों की लाइन लगी थी। वहां से निकले तो डॉक्टरों के कक्ष के बाहर बारी के इंतजार में लोगों को दोबारा लाइन लगानी पड़ी। डॉक्टर बारी-बारी से मरीजों का परीक्षण कर रहे थे। जरूरी सलाह के साथ ही दवाएं लिख रहे थे।
सुबह 10:58 बजे
गरुड़ के गागरीगोल निवासी केदार नाथ के हाथ में फ्रैक्चर है। इसका इलाज कराने के लिए अस्पताल पहुंचे केदार का कहना था कि अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा की कमी खल रही है। लोगों को हल्द्वानी, बरेली जाना पड़ता है, इससे निजात मिलनी चाहिए।
सुबह 11:06 बजे
धरमघर से इलाज के लिए बागेश्वर पहुंची कृष्णा देवी का कहना था कि जिला अस्पताल तक आने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। सरकार को 108 सेवाओं में और बढ़ोतरी करनी चाहिए। ग्रामीण इलाकों में भी 108 एंबुलेंस होनी चाहिए।
पूर्वाह्न 11:16 बजे
इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचे ललित मोहन कांडपाल का कहना था कि कोरोना काल में अस्पताल की सुविधाओं में बढ़ोतरी हुई है। अब डायलिसिस की सुविधा भी मिलने लगी है। एमआरआई की सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
अस्पताल में अमूमन मरीज बुखार, कमर दर्द और पेट की तकलीफ लेकर पहुंच रहे हैं। अस्पताल में पर्याप्त दवाएं हैं। रोज करीब 400 की ओपीडी हो रही है। सभी मरीजों को डॉक्टर देख रहे हैं। - डॉ. वीके टम्टा, सीएमएस, जिला अस्पताल, बागेश्वर।