जिला मुख्यालय से चौरा की तरफ जा रही जा रही मैक्स जीप खाई में गिर जाने से तीन लोगों की मौत हो गई और चालक सहित आठ लोग घायल हो गए।
इस हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को एक एक लाख, गंभीर घायलों को 50-50 हजार और सामान्य घायलों को 25-25 हजार की सहायता राशि मंजूर की है।
पुलिस के अनुसार मैक्स जीप संख्या यूके 02 टीए- 0319 जाब कार्ड बनाने आए ग्रामीणों को लेकर बागेश्वर से चौरा की तरफ जा रही थी।
दोपहर ढाई बजे यह जीप बागेश्वर से आठ किमी दूर बालीघाट के पास जीप की आखिरी सीटों पर बैठे दो लोग शराब के नशे में झगड़ा कर रहे थे।
उन्हें समझाने के लिए चालक ने एक बार पीछे मुड़कर देखा, जिससे जीप का संतुलन गड़बड़ा गया और काफी प्रयास के बाद भी चालक से जीप संभल नहीं सकी।
अनियंत्रित होकर जीप डेढ़ सौ फीट नीचे पुंगर नदी के किनारे गिर गई। जिससे नायल निवासी 30 वर्षीय दयाल राम पुत्र गोपाल राम, 32 वर्षीय संजय कुमार पुत्र पदी राम और चौरा डुंगरी निवासी 45 वर्षीय मदन राम पुत्र महेश राम की मौके पर ही मौत हो गई।
चालक चौरा निवासी 39 वर्षीय चंदन सिंह पुत्र रतन सिंह खाती, नायल धपोली निवासी 28 वर्षीय प्रमोद रौतेला पुत्र महेंद्र सिंह रौतेला, चौरा निवासी 40 वर्षीया प्रेमा गड़िया पुत्री मोहन सिंह, सेरा चौरा निवासी 45 वर्षीय दयाल राम पुत्र गंगा राम, नायल धपोली निवासी 35 वर्षीय हरीश चंद्र पुत्र मोहन राम, 30 वर्षीय कैलाश चंद्र पुत्र पदी राम, 42 वर्षीय जगदीश चंद्र पुत्र पदी राम और नायल तिलाड़ी निवासी 51 वर्षीय जगदीश कार्की पुत्र मोहन सिंह कार्की गंभीर रूप से घायल हो गए।
जगदीश कार्की को अल्मोड़ा रेफर किया गया है। शेष घायलों का यहां जिला अस्पताल में इलाज चल रह है। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए घायलों के स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।
कपकोट के विधायक ललित फर्स्वाण ने बताया कि मुख्यमंत्री ने अपने राहत कोष से मृतकों के परिजनों को एक एक लाख, घायलों को उनकी स्थिति के मुताबिक 50-50 और 25-25 हजार रुपये देने की घोषणा की है ।
हादसे के बाद नायल और चौरा डुगरी गांव में मातम छा गया। मरने वालों में नायल निवासी दयाल और संजय युवा थे। चौरा डुगरी निवासी मदन राम की आयु भी 45 साल थी। शाम को हादसे की सूचना मिलते ही इनके परिवारों में कोहराम मच गया।
बालीघाट के पास जीप हादसे होने के बाद स्वास्थ्य संबंधी बद इंतजामी खुलकर उजागर हुई। हादसे की सूचना पर 108 एबुलेंस मौके पर नहीं आई।
स्थानीय लोगों ने अपने वाहनों से घायलों को अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डाक्टर मौजूद नहीं थे। घायल वहां पहुंचे तो ट्रेनी फार्मेसिस्टों ने मरहम पट्टी की। डाक्टरों की टीम काफी देर में पहुंची।
विधायक चंदन राम दास, भाजपा जिलाध्यक्ष राम सिंह कोरंगा, पूर्व मंत्री बलवंत सिंह भौंर्याल, सुबोध साह, राजेंद्र उपाध्याय, हरीश सोनी, कांग्रेस के गोविंद कठायत, दर्शन कठायत आदि ने अस्पताल में आकर घायलों का हालचाल पूछा। विधायक ने ऐसे मौके पर डाक्टरों की संवेदनहीनता को लेकर नाराजगी प्रकट की।
एसपी एनएस नपलच्याल,एसडीएम फींचा राम चौहान, तहसीलदार पदम सिंह मेहरा आदि भी वहां पहुंचे। इससे पूर्व घायलों को निकालने में एडवोकेट सुरेश कांडपाल सहित तमाम स्थानीय लोगों ने मदद की।
जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश सिंह ऐठानी, विधायक ललित फर्स्वाण और भाजपा नेता भूपेश उपाध्याय सहित तमाम लोगों ने हादसे पर दुख जताया है।