अपर सत्र न्यायाधीश शमशेर अली ने दुष्कर्म के आरोपी को 10 साल सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। आरोपी को एक अन्य धारा में पांच वर्ष कारावास और 10 हजार अर्थदंड की सजा भी सुनाई गई है। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।
वर्ष 2016 में कपकोट तहसील क्षेत्र की एक महिला ने जिला जजी में लिपिक के पद पर कार्यरत महिपाल पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। मामले में पुलिस ने आईपीसी की धारा 376 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया था। यह मामला अपर सत्र न्यायाधीश शमशेर अली की अदालत में चला।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी आबिद हसन ने बताया कि मामले में कुल पांच गवाह पेश कराए गए। अपर सत्र न्यायाधीश ने गवाहों को सुनने के बाद 24 जुलाई को मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी को धारा 376 में 10 वर्ष के कारावास और 20 हजार रुपये का अर्थदंड और धारा 493 में पांच वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अर्थदंड अदा नहीं करने पर आरोपी को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। सजा सुनाने के बाद आरोपी लिपिक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।