पावर कारपोरेशन दफ्तर और आजीविका कार्यालय से कंप्यूटर और अन्य सामानों की चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मामले में चोरी के सामान के साथ पुलिस ने आधार कार्ड बनाने वाली एनजीओ के एक स्थानीय कर्मचारी को गिरफ्तार किया है।
चोरी के मामलों का खुलासा करने के लिए पुलिस टीम को डीआईजी ने पांच हजार, एसपी ने ढाई हजार और सीओ धनीराम ने एक हजार रुपए का नगद ईनाम देने की घोषणा की है। करीब दो माह पूर्व पावर कारपोरेशन के कार्यालय में और आजीविका परियोजना के कार्यालय में चोरी हुई थी।
दोनों ही स्थानों से एक-एक कंप्यूटर सेट चुराए गए थे। तब से ही पुलिस आरोपियों की तलाश में थी। शुक्रवार शाम कोतवाली पुलिस ने मामले में नामती चेटा बगड़ गांव निवासी हयात सिंह कोश्यारी को हिरासत में ले लिया। उसके पास से दोनों जगह हुई चोरी के कंप्यूटर सेट बरामद हुए।
पुलिस के मुताबिक उसके कठायत बाड़ा स्थित कमरे से यह सामान बरामद हुआ। कोतवाल हरक सिंह फिरमाल ने बताया कि हयात कोश्यारी यहां आधार कार्ड बनाने वाले एक एनजीओ में काम करता है। चोरी के एक कंप्यूटर में उसने सौ लोगों के आधार कार्ड भी बनाए थे।
कोतवाल के मुताबिक आरोपी से पूछताछ में चोरी के कुछ अन्य मामलों का भी खुलासा हो सकता है। पूर्व में वह शराब की तस्करी के मामले में भी पकड़ा गया था। उसके खिलाफ धारा 457/380 और 411 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस टीम में कोतवाल सहित एसएसआई प्रतिमा भट्ट, एसआई रेवती नंदन आदि शामिल थे।
हयात कोश्यारी पहले बिजली के बिल जमा करने का भी काम करता था। चोरी के वक्त उसकी लापरवाही से किसी का बिल पावर कारपोरेशन कार्यालय में गिर गया। पुलिस ने इस बिल से जुड़े उपभोक्ता से पूछा तो बताया गया कि उन्हाेंने जमा करने के लिए यह बिल हयात को दिया था।
इसी के आधार पर पुलिस उस तक पहुंची। वह चोरी के वक्त दरवाजे तोड़ने के लिए हर बार लोहे की अलग-अलग गैंदियों (कुदाल की तरह) का प्रयोग करके वहीं फेंक देता था। पुलिस ने दो गैंदियां भी बरामद की हैं।