फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संदिग्ध परिस्थितियों में विवाहिता की मौत

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

बागेश्वर। आंवली गाड़ गांव निवासी एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इलाज के लिए जिला अस्पताल लाई गई विवाहिता को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत जहर खाने से होने की आशंका जताई जा रही है। मायके पक्ष ने पति सहित ससुराल पक्ष के छह लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है।

रविवार दोपहर विकास खंड के आंवलीगाड़ गांव निवासी नीमा (35) पत्नी राजेंद्र जोशी की हालत बिगड़ गई। पति और सास ग्रामीणों की मदद से नीमा को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां पहुंचते ही चिकित्सकों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल की सूचना पर कोतवाली पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पंचनामा भरा। मृतका के मायके पक्ष को घटना की सूचना दी और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
विज्ञापन


चिकित्सकों ने महिला के तेज प्रभाव वाले कीटनाशक से पीड़ित होने की आशंका जताई। देर शाम मृतका के मायके वाले बागेश्वर पहुंचे। उन्होंने पति और ससुरालियों पर जहर देकर हत्या का आरोप लगाया। नीमा के भाई गणेश ने बताया कि शादी के बाद से ही पति और ससुराली नीमा को परेशान करते आ रहे थे। इधर, देर शाम मायके पक्ष ने झिरौली चौकी में पति, सास, ससुर, देवर, ननद, बहनोई के खिलाफ तहरीर दी है। सीओ एमसी जोशी ने बताया कि घटना की प्रारंभिक जांच की जा रही है। प्रभारी एसओ झरौली जगदीश चंद्र ने बताया कि मृतका के परिजनों ने लिखित तहरीर नहीं दी है। परिजनों ने सोमवार को पोस्ट मार्टम के बाद तहरीर देने की बात की है। तहरीर मिलते ही मुकदमा दर्ज कर लिया जाएगा।
विज्ञापन


एक माह पूर्व ही दोबारा घर बसाने पहुंची थी ससुराल
बागेश्वर। मृतका नीमा एक माह पूर्व ही दोबारा घर बसाने ससुराल पहुंची थी। इसके लिए उसने आंगनबाड़ी की नौकरी भी छोड़ दी थी। पति-पत्नी के बीच 11 साल लंबा अलगाव रहा। नीमा की मौत से मायके वाले स्तब्ध और सदमे की हालत में हैं। अल्मोड़ा के कयाला गांव निवासी नीमा का विवाह 30 जनवरी 2005 को आंवलीगाड़ निवासी राजेंद्र के साथ हुआ था। विवाह के तीन साल बाद नीमा ससुराल छोड़कर मायके चली गई। इस बीच उसने गांव में ही आंगनबाड़ी का काम करना शुरू किया। 11 साल तक पति और पत्नी अलग-अलग रहे। कुछ समय पहले दोनों पक्षों के बीच सुलह हुई। इसके आधार पर नीमा दोबारा घर बसाने फिर ससुराल आ गई। पति के साथ रहने के लिए उसने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की नौकरी से इस्तीफा भी दे दिया। मृतका के भाई का कहना है कि नीमा की इस नियति का पता होता तो वे उसे दोबारा ससुराल ही नहीं भेजते। ब्यूरो
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें