बागेश्वर। को-ऑपरेटिव सोसायटी में खाते खुलवाने के बाद ग्राहकों से लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने के मुख्य आरोपी-व सोसायटी के चेयरमैन प्रदीप गुप्ता को कोतवाली पुलिस ने लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया है। वह कई साल से फरार था। पिछले साल उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुआ था।
13 दिसंबर 2018 को सुमन निवासी नई बस्ती ने एवरग्रीन एग्रो मल्टीस्टेट कोऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। तहरीर के अनुसार तहसील रोड पर खुली इस सोसायटी की ओर से लुभावने वादे दिखाकर उनसे और अन्य लोगों से खाते खुलवाए गए थे। वर्ष 2018 में समयावधि पूर्ण होने के बाद भी धनराशि का भुगतान नहीं किया। सोसायटी कुछ समय तक झूठा आश्वासन देती रही। बाद में 18,04,494 रुपये हड़पने के बाद कंपनी भाग गई। मामले में पुलिस ने धारा 420 आईपीसी के तहत चेयरमैन प्रदीप गुप्ता और अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया था।
विवेचना के दौरान केस में धारा 406/409/120(b) आईपीसी की बढ़ोतरी की गई। जांच के दौरान 13 अन्य आरोपियों के नाम सामने आए। सभी के खिलाफ वर्ष 2019 में न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किए गए। मुख्य आरोपी और सोसायटी के चेयरमैन प्रदीप गुप्ता (45) निवासी सदर सफाखाना, रामपुर उत्तर प्रदेश को न्यायालय से जमानत मिली थी। वह नई तिथियों पर न्यायालय में उपस्थित नहीं हो रहा था। इसके बाद कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। उसकी गिरफ्तारी के लिए एसपी चंद्रशेखर आर घोड़के के निर्देशन में पुलिस टीम का गठन किया गया था। कोतवाली पुलिस की टीम ने उसकी गिरफ्तारी के लिए लखनऊ, रामपुर, नोएडा, मुरादाबाद, दिल्ली में दस बार दबिश दी थी लेकिन वह हर बार बच जा रहा था। बार-बार स्थान बदल रहा था। एसआई मनोहर चंद के नेतृत्व में टीम ने उसे लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया।
अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, उत्तर प्रदेश में भी दर्ज हैं मामले
बागेश्वर। एसपी घोड़के ने बताया कि प्रदीप गुप्ता का आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ अल्मोड़ा कोतवाली में धारा 420/406/409/120बी, पिथौरागढ़ कोतवाली में धारा 420/406/120बी, मिर्जापुर के कटरा थाने में धारा 420/407/468/471/406/506 आईपीसी के तहत केस दर्ज हैं। गुजरात और दिल्ली में भी आरोपी के खिलाफ गबन और धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं।