बागेश्वर। विशेष सत्र न्यायाधीश आरके खुल्बे की अदालत ने चरस तस्करी के दोषी को दस साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। आरोपी को एक लाख रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया गया। अर्थदंड जमा न करने पर उसे छह महीने का अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा।
कोतवाली की एसआई लोकेश रावत 11 मई 2022 को पुलिस टीम के साथ आरे बाईपास पर वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें कपकोट की तरफ से एक युवक पैदल आता दिखाई दिया। उसके हाथ में एक थैला था। पुलिस को देखते हुए वह सकपका कर द्यांगण बाईपास की ओर चला गया। शक होने पर पुलिस कर्मचारियों ने उसका पीछा किया और पकड़कर उससे पूछताछ की।
सीओ अंकित कंडारी के समक्ष तलाशी लेने पर कपकोट के ग्राम वाछम निवासी आरोपी भगत सिंह दानू उर्फ भरत के पास से 1.519 किलो चरस मिली। पुलिस ने उसके खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत केस दर्ज किया। विवेचना के बाद न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया।
अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गोविंद बल्लभ उपाध्याय और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता चंचल सिंह पपोला ने मामले की पैरवी कर 10 गवाह पेश कराए। गवाहों के बयान, विधि विज्ञान केंद्र की परीक्षण आख्या और पत्रावली पर उपलब्ध दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषसिद्ध कर यह सजा सुनाई।