बागेश्वर। सत्र न्यायाधीश आरके खुल्बे की अदालत ने निचली अदालत से दिए गए दोष सिद्ध के आदेश के खिलाफ दायर अपील को खारिज करते हुए आरोपी को सुनाई गई सजा को बरकरार रखने का आदेश पारित किया।
कथानक के अनुसार कोतवाली पुलिस ने 11 मार्च 2021 को पौड़ीधार के पास से मनोज सिंह धनौला निवासी बिलौना को 2.68 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया था। आरोपी के खिलाफ धारा 8/21 एनडीपीएस अधिनियम के तहत केस दर्ज कर न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गुंजन सिंह की अदालत ने नौ अगस्त 2023 को आरोपी पर दोष सिद्ध करते हुए उसे छह महीने के सश्रम कारावास और 10,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया था। फैसले के खिलाफ आरोपी ने सत्र न्यायालय में अपील की। सत्र न्यायालय ने निचली अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए बरकरार रखा। संवाद