बागेश्वर में अमर उजाला वितरण की तैयारी में महिला वितरक ज्योति उपाध्याय। संवाद न्यूज एजेंसी
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बागेश्वर। सरकारी अमला, रेडक्रॉस और अन्य संगठन कोरोना से जंग लड़ रहे हैं। समाचार पत्रों के वितरक भी कोरोना को पराजित करने के लिए चल रही इस जंग की हर अपडेट लोगों तक पहुंचाने के लिए जी-जान से जुटे हुए हैं। बागेश्वर जिले की एकमात्र महिला समाचार पत्र वितरक ज्योति उपाध्याय घर-घर जाकर लोगों तक अमर उजाला पहुंचा रही हैं।
बागेश्वर के नुमाइशखेत निवासी ज्योति उपाध्याय (26) हर रोज सुबह 6 बजे से अमर उजाला अखबार घर-घर पहुंचाने का काम में जुट जाती हैं। ज्योति के पति विमल उपाध्याय पिछले 18 वर्ष से अमर उजाला अखबार वितरण का कार्य कर रहे हैं। 2010 में विमल का विवाह ज्योति के साथ हुआ। ज्योति भी विवाह के बाद से ही पति के साथ अमर उजाला अखबार वितरित करने लग गई थीं। ज्योति के दो बच्चे जगदीश (6) और प्रियांशु (1) हैं। घर में सास जानकी देवी हैं। परिवार के भरण-पोषण में ज्योति पति का बराबर साथ देतीं हैं। ज्योति कहती हैं कि कोरोना संक्रमण के दौर में लोगों को सुबह ही अमर उजाला का इंतजार रहता है। कहती हैं कि जब तक हो सकेगा, वह अखबार वितरण का कार्य करती रहेंगी। उल्लेखनीय है कि ज्योति के ससुर भवानी दत्त उपाध्याय ने भी दशकों तक अमर उजाला अखबार का वितरण किया।
कोरोना वीर : 6 घंटे संस्थागत क्वारंटीन में ड्यूटी दे रहे फार्मासिस्ट राजेंद्र
बागेश्वर। कोरोना की जंग में डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों का अहम योगदान है। यह लोग दिन-रात इस बीमारी से बचाव की कोशिशों में लगे हुए हैं। जिला मुख्यालय के संस्थागत क्वारंटीन में फार्मासिस्ट राजेंद्र प्रसाद लगातार छह घंटे तक ड्यूटी दे रहे हैं। फार्मासिस्ट राजेंद्र प्रसाद पिछले 24 अप्रैल से बागेश्वर के केएमवीएन गेस्टहाउस स्थित संस्थागत क्वारंटीन में तैनात हैं। राजेंद्र प्रसाद रोज सुबह 8 बजे से दोपहर दो बजे तक क्वारंटीन में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। क्वारंटीन में तैनात डॉक्टरों के साथ डटे हुए हैं। क्वारंटीन में भर्ती लोगों की देखरेख कर रहे हैं। उनकी जांच में सहयोग कर रहे हैं। राजेंद्र कहते हैं कि कोरोना का इलाज ही बचाव है। लोग सरकार और प्रशासन के नियमों का पालन करें, इसी से कोरोना हारेगा।