कांडा तहसील क्षेत्र में इन दिनों अवैध खनन जोरों पर है। अवैध खनन में लगे लोगों ने बेतरतीब ढंग से रेता और पत्थर निकालकर कुलूर नदी को छलनी कर दिया है। प्रशासन, वन और राजस्व विभाग को इस पर आंखें मूंदे बैठा है। अवैध खनन से क्षेत्र की 800 हेक्टेयर भूमि के अलावा सिंचाई योजनाएं प्रभावित हो गई हैं। बाढ़ भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है।
जानकारी के अनुसार कपूूरी से लेकर धौलियापाटा गांव तक कुलूर नदी अवैध खनन से जुड़े लोगों के कब्जे में है। जेसीबी मशीनों ने नदी को जगह जगह छलनी कर दिया है। नदी से रेेता के साथ ही भारी मात्रा में पत्थर भी निकाले जा रहे हैं। खनन के कारण नदी के दोनों किनारों पर बसे गांवों की उपजाऊ भूमि को खतरा हो गया है। जल स्तर के नीचे जाने से सिंचाई योजनाओं के बंद होने का खतरा बढ़ गया है। युवक मंगल दल के पदाधिकारियों और ग्रामीणों ने बताया कि अवैघ खनन से निकाले गए पत्थरों और रेता को कांडा रावतसेरा सड़क के सोलिंग के काम के लिए ले जाया जा रहा है। इस काम में ट्रैक्टर, ट्रॉली और टिप्पर लगे हैं। ग्रामीणों ने डीएम से अवैध खनन रोकने के लिए तुरंत प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। इधर प्रभारी जिलाधिकारी एसएस जंगपांगी ने कहा कि मामले की जांच होगी।
02 बीजीएस 2पी: कुलूर नदी में अवैध खनन का कारोबार जोरों पर।