पिथौरागढ़ सीमांत जिले में उपभोक्ताओं को रसोई गैस सिलिंडर मिलना मुश्किल हो गया है। पहले ही 25 दिन बाद सिलिंडर रिफिल होने का नियम लागू हुआ है। अब इस व्यवस्था के तहत बुकिंग और डिलिवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) नहीं आने से दिक्कत बढ़ गई है। सर्वर ठप होने से न तो बुकिंग हुई और न डीएसी कोड मिला तो रसोई गैस भी नहीं बंटी। ऐसे में उपभोक्ताओं को खाली सिलिंडर लेकर लौटना पड़ा।
नियमों के मुताबिक सिलिंडर रिफिल कराने के लिए बुकिंग के बाद उपभोक्ता के मोबाइल नंबर पर डीएसी कोड आना जरूरी है। जिले भर में एक लाख से अधिक रसोई गैस उपभोक्ता हैं। हर रोज 15 हजार से अधिक उपभोक्ता सिलिंडर रिफिल कराते हैं।
बुधवार को नगर के रई, टकाना, सिलौली, मड़खड़ायत सहित जिले के विभिन्न हिस्सों में गैस वाहन सिलिंडर लेकर पहुंचे। बुकिंग के बाद भी डीएसी कोड मोबाइल पर नहीं आया तो एजेंसी कर्मियों ने सिलिंडर देने से मना कर दिया। ऐसे में उपभोक्ताओं को खाली सिलिंडर लेकर लौटना पड़ा। उपभोक्ताओं ने कहा कि घर में रसोई गैस खत्म है। सिलिंडर रिफिल न होने से अब खाना पकाना भी चुनौती होगा।
होटल कारोबारियों के पास सिर्फ दो दिन का स्टॉक
गर्मी बढ़ते ही पर्यटक मुनस्यारी का रुख करने लगे हैं। पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए होटल कारोबारियों में खुशी थी। इसी बीच कॉमर्शियल सिलिंडर मिलने पर रोक लगने से कारोबारियों की दिक्कत बढ़ गई है। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष पूरन पांडे ने बताया कि कारोबारियों के पास रसोई गैस का सिर्फ दो दिन का स्टॉक है। यदि रसोई गैस नहीं मिली तो क्षेत्र के होटलों में काम प्रभावित हो जाएगा।
सर्वर डाउन होने से डीएसी कोड नहीं आ रहा है। नियमों के तहत बगैर कोड के सिलिंडर नहीं मिल सकते। सर्वर ठीक होने पर इस समस्या का समाधान हो जाएगा। हर जगह इस तरह की दिक्कत आ रही है। घरेलू सिलिंडर का पर्याप्त स्टॉक है। आपूर्ति भी बराबर हो रही है। उपभोक्ताओं को चिंता करने की जरूरत नहीं है। - ऊषा राणा, प्रबंधक, इंडेन गैस एजेंसी, पिथौरागढ़