कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते कांग्रेस कार्यकर्ता।
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शहर से लगे गांवों को नगरपालिका में शामिल करने के विरोध में कांग्रेसियों ने कलक्ट्रेट में सांकेतिक धरना दिया। इसके बाद डीएम के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर शासनादेश निरस्त करने की मांग की गई।
जिला कांग्रेस समिति के अध्यक्ष लोकमणि पाठक के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में सांकेतिक धरना दिया। इस अवसर पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों के विरोध के बावजूद प्रदेश सरकार ने ग्राम सभाओं को नगरपालिका में शामिल करने का शासनादेश जारी कर दिया है।
अभी तक जो क्षेत्र पालिका में शामिल हैं उन्हीं में लोगों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। ऐसे में नए शामिल होने वाले गांवों की हजारों की आबादी को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। बिना सुविधाओं के भी ग्रामीणों को कर देना होगा। वक्ताओं ने कहा कि गांवों को शामिल कर पालिका का सीमा विस्तार करना प्रदेश सरकार का जनविरोधी कार्य है। बाद में डीएम के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर सरकार के इस निर्णय को निरस्त करने की मांग की गई।
धरना प्रदर्शन करने वालों में ब्लॉक प्रमुख रेखा खेतवाल, पालिकाध्यक्ष गीता रावल, पूर्व दर्जा राज्यमंत्री राजेंद्र टंगड़िया, दीपक खेतवाल, सुरेश खेतवाल, सुनीता टम्टा, नगर अध्यक्ष धीरज कोरंगा, दीवान राम आदि शामिल थे।