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Bageshwar News: ताइक्वांडो कोच कमलेश तिवारी को मिलेगा राज्य का प्रतिष्ठित द्रोणाचार्य अवार्ड

Tue, 21 Mar 2023 11:27 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
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ताइक्वांडो कोच कमलेश तिवारी 
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बागेश्वर। जिले में ताइक्वांडो खेल को ऊंचाइयों पर ले जाने और बागेश्वर के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय फलक पर पहचान दिलाने वाले ताइक्वांडो कोच कमलेश तिवारी का चयन प्रतिष्ठित देव भूमि उत्तराखंड द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए हुआ है। तिवारी के शिष्यों ने राष्ट्रीय स्तर पर सूबे को 60 स्वर्ण समेत 200 से अधिक पदक दिलाए हैं। तिवारी वर्ष 2018 में वियतनाम में हुई सीनियर एशियन प्रतियोगिता में भारतीय टीम के कोच रहे। वह प्रदेश के ताइक्वांडो कोच हैं। शिक्षा विभाग के जिला खेल समन्वयक (माध्यमिक) हैं। उन्हें आगामी 24 मार्च को देहरादून मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सम्मानित करेंगे। यह उपलब्धि हासिल करने वाले वह जिले के पहले कोच हैं।
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जीआईसी तुपेड़ के शिक्षक कमलेश ने वर्ष 1988 में ताइक्वांडो खेलना शुरू किया था। खिलाड़ी के रूप में जूनियर वर्ग में उन्होंने राज्य स्तर पर सात और राष्ट्रीय स्तर पर एक स्वर्ण पदक जीता। वर्ष 2001 में उन्होंने वरिष्ठ वर्ग में प्रदेश की ओर से राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भागीदारी की। कमलेश ने वर्ष 1996 से कोचिंग की शुरुआत की। उनकी कोचिंग में जिले के खिलाड़ियों ने लखनऊ और रायबरेली में आयोजित प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया। उत्तराखंड बनने के बाद से उनके 200 से अधिक शिष्यों राष्ट्रीय और 15 शिष्यों ने अंतरराष्ट्रीय पदक जीते हैं। राज्य के द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए कोच से प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ियों का अंतरराष्ट्रीय पदक जीतना जरूरी है।

कमलेश के शिष्यों का जलवा
बागेश्वर। कमलेश तिवारी का गजेंद्र परिहार और महेंद्र परिहार को ताइक्वांडो के खेल में अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का श्रेय जाता है। राष्ट्रमंडल खेल में तिवारी के शिष्य अनिल देव, भूपेंद्र गढि़या, एशियन कैडेट्स में हेमंत गढि़या, वर्ल्ड कैडेट्स चैंपियन में भूपेश रावत का जलवा रहा। कमलेश से ताइक्वांडो के गुर सीखने वाले 65 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर 65 खिलाड़ी प्रतिभाग कर चुके हैं।
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2020 में किया था आवेदन
बागेश्वर। कमलेश तिवारी ने वर्ष 2020 में पुरस्कार के लिए आवेदन किया था। कोरोना के चलते पुरस्कार मिलने में देरी हुई है। उनकी उपलब्धि पर कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास, कपकोट के विधायक सुरेश गढि़या, डीएम अनुराधा पाल, सीईओ गजेंद्र सोन, जिला खेल अधिकारी सीएल वर्मा, दरवान सिंह परिहार, अनिल कार्की समेत खेल से जुड़े लोगों ने खुशी जताई है। जिले के लिए गौरव का क्षण बताया है।

अब तक इन्हें मिला है पुरस्कार
बागेश्वर। वर्ष 2012-2013 में बाॅक्सिंग कोच हरी सिंह थापा, वर्ष 2013-14 में निशानेबाजी कोच नारायण सिंह राणा, वर्ष 2014-15 में एथलेटिक्स कोच रेनू कोहली, वर्ष 2015-16 में एथलेटिक्स कोच सुरेंद्र सिंह, 2016-17 में क्रिकेट कोच लियाकत अली, 2017-18 में एथलेटिक्स कोच अनूप सिंह को यह पुरस्कार मिल चुका है। उत्तराखंड में खेल पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 2013 में हुई थी।
बागेश्वर के ताइक्वांडो कोच कमलेश तिवारी का चयन देवभूमि उत्तराखंड द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए हुआ है। उन्हें फोन से सूचना दे दी गई है। उन्हें बुधवार को पत्र भेजा जाएगा। देहरादून में 24 मार्च को उन्हें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पुरस्कार प्रदान करेंगे। - सुरेश चंद्र पांडेय, उपनिदेशक, खेल, उत्तराखंड।
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