गरुड़ (बागेश्वर)। ग्राम मवई निवासी आईटीबीपी कर्मी भुवन परिहार की पत्नी रेनू परिहार का शव 23 अगस्त की सुबह अपने कमरे में फंदे से लटका मिला था। इस मामले में दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ है। इस मामले की विवेचना सीओ उत्तम सिंह नेगी कर रहे हैं। उन्होंने सोमवार को इस मामले के आरोपी मवई गांव निवासी आईटीबीपी के सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर गोपाल सिंह परिहार के बयान लिए।
76 वर्षीय गोपाल ने रोते हुए कहा कि रेनू से भुवन की दूसरी शादी हुई थी क्योंकि भुवन की पहली पत्नी से शादी के कुछ माह बाद तलाक हो गया था। भुवन रसूखदार परिवार से ताल्लुक रखता है। रेनू बीमार थी। इसलिए भुवन उसे उपचार के लिए उसे अपने साथ लुधियाना पंजाब ले गया। वह इसी माह अपनी ननद के साथ घर लौटी और कुछ दिन मायके भी रही।
घटना के दिन उसका पति पंजाब में ड्यूटी पर तैनात था। सीओ नेगी का कहना है कि अभी उन्होंने पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं पढ़ी है। पुलिस मामले की हर एंगल से जांच करेगी। वहीं रेनू के मायके वालों का आरोप है कि ससुराल दहेज लाने के लिए प्रताड़ित करते थे।
उनका कहना है कि रेनू ने आत्महत्या नहीं की बल्कि हत्या कर उसे पंखे पर लटकाया गया है। मृतका के मायके के लोगों और रिश्तेदारों का कहना है कि मामले की गहराई से जांच नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। रेनू को प्रताड़ित करने के कई सबूत हैं।