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सीएम ने दिया कैंपस बनाने का भरोसा छात्रों ने खत्म किया क्रमिक अनशन

Tue, 26 Feb 2019 11:39 PM IST
दीपक नेगी ब्यूरो/अमर उजाला/बागेश्वर
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अनशनकारी छात्रों को जूस पिलाते अजय टम्टा। - फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से फोन पर मिले आश्वासन के बाद छात्र संगठन मान गए। केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री अजय टम्टा ने अनशनकारियों को जूस पिलाकर आठ दिनों से चल रहा अनशन समाप्त कराया। 

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बीडी पांडे डिग्री कालेज में मनोज और सचिन ने मंगलवार को क्रमिक अनशन किया। उन्होंने कैंपस का दर्जा देने, कालेज में बीडी पांडे की प्रतिमा स्थापना, गर्ल्स हॉस्टल से पीएसी शिफ्टिंग, एससी हॉस्टल में कैंटीन समेत विभिन्न मांगों पर कार्रवाई की मांग की। इधर केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री अजय टम्टा और विधायक चंदन दास कालेज पहुंचे। उन्होंने छात्रों को समझाने की कोशिश की लेकिन छात्र अपनी जिद पर अड़े रहे। 

इस पर टम्टा ने अपने मोबाइल फोन से अनशनकारी छात्रों की सीएम त्रिवेंद्र रावत से बात कराई। सीएम ने कालेज को कैंपस का दर्जा देने का भरोसा दिलाया। साथ ही अन्य मांगों पर भी कार्रवाई की बात कही। सीएम के आश्वासन के बाद छात्र मान गए। बाद में टम्टा ने छात्रों को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया। इसके बाद लगातार आठ दिनों से चल रहा प्रदर्शन नौ वें दिन खत्म हो गया। समझौता वार्ता में प्राचार्य डाँ एससी पंत, छात्र संघ अध्यक्ष शशांक वर्धन, दीपक गस्याल, राजेंद्र दानू, गोविंद चंदोला, नीरज मेहता, पूजा फर्स्वाण, आदर्श कठायत, मनीष कुमार, प्रमोद आदि थे। 
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कपकोट में नाराज छात्रों ने लगाया जाम, भूख हड़ताल शुरू
बागेश्वर। कपकोट महाविद्यालय में एमए की कक्षाएं शुरू करने, प्राध्यापकों की नियुक्ति करने सहित अन्य समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है। मंगलवार को छात्र संघ ने कपकोट मोटर मार्ग में जाम लगाकर प्रदर्शन किया। कहा कि प्रदेश सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन कपकोट कॉलेज की उपेक्षा कर रहा है। 

कालेज में एमए की कक्षाएं संचालित नहीं करने से यहां छात्र छात्राओं को बाहरी जिलों में जाना पड़ रहा है। जाम के कारण दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। कपकोट पुलिस ने भी छात्रों से वार्ता कर जाम खोलने के लिए वार्ता की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं की गई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इसके बाद उन्होंने कॉलेज में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। अनशन में पहले दिन कमलेश गढ़िया व नीमा ऐठानी बैठे। वहां नंदन गढ़िया, नवीन कपकोटी, कंचन, नीरज, ज्योति, दीपा, पूजा, हंशा, हरीश आदि थे।

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