कर्मी में आयोजित तीन दिवसीय दानपुर महोत्सव का समापन समारोहपूर्वक हुआ। मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी बबली ने कहा कि इस तरह के आयोजन से आपसी सद्भाव बढ़ता है। भावी पीढ़ी को भी अपनी संस्कृति का बोध होता है। उन्होंने पारंपरिक चांचरी गायन में अव्वल रहने वाली टीम को अपनी ओर से 5100 और दूसरे स्थान पर आने वाली टीम को 2100 रुपये देकर पुरस्कृत किया।
उन्होंने मंच के निर्माण के लिए तीन लाख रुपये देने की घोषणा कर मैदान के चौड़ीकरण में भी सहयोग का भरोसा दिलाया। यहां भगवती मंदिर के आंगन में आयोजित समापन समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष ऐठानी ने कहा कि मुख्यमंत्री हरीश रावत मेलों के माध्यम से संस्कृतियों को प्रोत्साहित करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।
लोक कलाकारों के कल्याण के लिए कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष के महोत्सव को और भी भव्य बनाने में पूरे प्रयास किए जाएंगे। कलाकारों ने ‘देवी बाराही तू दैणा है जाया...’ ‘जै नंदा सुनंदा मेरी लाज धरिए...’ ‘टक टकाटक कमला...’, ‘आजकल हैरै ज्वाना मेरी नौलि पराणां...’ ‘तिलै धारो बोला मेरो हंसिया बल्दा...’ आदि विभिन्न मनभावन गीतों समेत पारंपरिक चांचरी के गीतों में ‘खोल दे माता खोल भवानी...’ ‘शिखर डाना घाम लागि र छ छोड़ि दे भिना मेरि धपेेेली...’ ‘काफल तू पाकल कब...’ का गायन किया।
महोत्सव समिति के अध्यक्ष बीएस कर्म्याल ने महोत्सव को संपन्न कराने में दिए सहयोग के प्रति सभी का आभार जताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम प्रधान महिपाल राम, संचालन मदन सिंह दुबड़िया ने किया। वहां बीस सूत्री कार्यक्रम के जिला उपाध्यक्ष भुवन पाठक, बीडीसी सदस्य नंदन सिंह, एडवोकेट महिमन गढ़िया, दरबान सिंह कुंवर, स्वरूप सिंह कर्म्याल, तेज सिंह दानू, गोकुल देव लोकपाल सिंह आदि मौजूद थे।