कांडा/बागेश्वर। कांडा की खड़िया खान से केएमवीएन के गैस गोदाम, मंदिर और आबादी को उत्पन्न खतरे को देखते हुए प्रशासन ने निगम के नाम दर्ज भूमि का सीमांकन कर दिया है। निगम की जमीन पर पिलर लगा दिए गए हैं।
कांडा में वर्ष 2012 में केएमवीएन का गैस गोदाम बना। गैस गोदाम की नौ नाली आठ मुट्ठी जमीन केएमवीएन के नाम दर्ज है लेकिन सीमांकन नहीं होने से पूरी जमीन निगम के कब्जे में नहीं हो पाई। डीएम अनुराधा पाल ने कांडा की एसडीएम मोनिका को निगम की जमीन का नियमानुसार सीमांकन कराने के निर्देश दिए थे। कांडा की एसडीएम मोनिका ने बताया कि निगम की जमीन का सीमांकन करा लिया गया है। राजस्व विभाग और निगम की संयुक्त टीम की देखरेख में जमीन का सीमांकन किया गया। निगम की पूरी जमीन सीमांकित कर दी गई है। निगम की जमीन पर पिलर भी लगा दिए गए हैं।
निगम के जीएम एपी वाजपेयी ने प्रशासन के सामने गैस गोदाम के लिए खतरा उत्पन्न होने का मामला उठाया था। कहा था कि गैस गोदाम के काफी नजदीक खनन का कार्य होने से गोदाम का लाइसेंस निरस्त हो सकता है। एसडीएम का कहना है कि गैस गोदाम खनन क्षेत्र के काफी नजदीक है। निगम के गोदाम की सुरक्षा का पुख्ता बंदोबस्त किया जा रहा है। संवाद
पट्टाधारक भरेगा दरार
कांडा/बागेश्वर। कांडा की खड़िया खदान से ऐतिहासिक महाकाली मंदिर, आबादी के लिए उत्पन्न खतरे को देखते हुए बीते 11 अप्रैल को जिलाधिकारी अनुराधा पाल ने खदान के एक पिट पर काम करने से रोक लगा दी थी। दूसरे पिट की भूवैज्ञानिक से जांच कराई जा रही है। एसडीएम मोनिका का कहना है कि मंदिर और आबादी की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। इसके लिए कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। पट्टाधारक को दरारें भरने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द यह काम शुरू हो जाएगा।