बागेश्वर। बागेश्वर का नाम सुनते ही सदानीरा सरयू और गोमती नदी का अक्स जेहन में आता है लेकिन इसके बावजूद लोगों को जरूरतभर का पानी नहीं मिल पाता है। बागेश्वर के लोगों की पीने के पानी के लिए प्राकृतिक जलस्रोत और हैंडपंपों पर निर्भरता बनी रहती है।
शासन-प्रशासन में बैठे जिम्मेदारों ने सरयू और गोमती के तट पर बसे बागेश्वर नगर के लोगों को पर्याप्त पानी देने की दिशा में गंभीरता से प्रयास नहीं किए। सरयू और गोमती नदी में गर्मियों में भी प्रचुर मात्रा में पानी रहता है। सरयू और गोमती का जलस्तर गर्मी और जाड़ों में 860 मीटर से अधिक रहता है। बरसात में दोनों नदियों का जलस्तर 865 मीटर से अधिक रहता है।
पर्याप्त पानी होने के बाद भी जिला मुख्यालय के मंडलसेरा, तहसील रोड, कफलखेत, मजियाखेत, ठाकुरद्वारा के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र के बिलौना, अड़ौली समेत तमाम इलाकों में पीने का पर्याप्त पानी लोगों को नहीं मिल पाता है। पानी की कमी के कारण लोगों को सुबह से शाम तक पेयजल की व्यवस्था में लगे रहना पड़ता है। कई इलाकों में एक दिन छोड़कर पानी दिया जाता है। हर चुनाव में पर्याप्त पानी देने का वायदा नेताओं की जुबां पर रहता है। चुनाव गुजरते ही जनता को अपने हाल पर छोड़ दिया जाता है। संवाद
जरूरत 5.52 की, मिल रहा 3.02 एमएलडी पानी
बागेश्वर। करीब 30 हजार आबादी वाले बागेश्वर नगर को हर रोज 5.52 मिलियन लीटर डे (एमएलडी) पानी की जरूरत है लेकिन तमाम योजनाओं से केवल 3.02 एमएलडी पानी मिल रहा है।
कितना एमएल मिल रहा पानी
पेयजल योजना उपलब्धता जरूरत
मंडलसेरा .28 1.22
जखेड़ा-कठायतबाड़ा 1.16 1.50
सूरजकुंड आईवेल 1.25 1.58
चापला-मजियाखेत .11 .33
अमसरकोट 0.8 .41
बिलौना .14 .48
लोब गांव, लोग परेशान हैं, स्रोत से बेकार बह रहा पानी
बागेश्वर। बागेश्वर का लोब गांव गंभीर पेयजल संकट से जूझ रहा है। करीब चार सौ आबादी वाले गांव के लिए हर घर नल से जल योजना तो बना दी लेकिन पानी की आपूर्ति नहीं हो पाती। दो महीने पहले लोब-बेहरगांव की निर्माणाधीन सड़क के पुल के अबटमेंट की खुदाई के दौरान दमोला गधेरे के पास पानी का स्रोत फूट पड़ा। अब यहां पानी बह रहा है। लोब गांव के लोग इस पानी से गांव के लिए योजना बनाने की मांग कर रहे हैं। प्रधान बीना देवी, गांव के बुजुर्ग जोगा राम, राजेंद्र प्रसाद, सामाजिक कार्यकर्ता संतोष कुमार ने बताया कि गांव के लोग पानी के पानी के लिए दर-दर भटकते हैं। हर घर नल से जल योजना बनने के बाद भी पानी नहीं मिल रहा है।
बागेश्वर नगर को ढाई एमएलडी पानी कम मिल रहा है। पानी की कमी के कारण रोस्टर बनाकर पानी वितरित करना पड़ रहा है। गर्मियों में स्रोतों में पानी कम हो जाता है। इससे दिक्कत बढ़ती है।
-सीएस देवड़ी ईई जल संस्थान बागेश्वर
लोब-बेहरगांव सड़क के निर्माण के दौरान फूटे पानी के स्रोत का सर्वेक्षण कराया जाएगा। पेयजल निगम को नए स्रोत से लोब गांव के लिए पेयजल योजना का प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए जा रहे हैं। लोब गांव के लिए योजना बनाने का भरसक प्रयास किया जाएगा।
-चंद्र सिंह इमलाल, प्रभारी डीएम बागेश्वर