तंबाकू सेवन और धूम्रपान की लत छुड़ाना आज के समय में सबसे मुश्किल काम है लेकिन दृढ़ निश्चय और कुशल मार्गदर्शन मिलने पर राह आसान हो जाती है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर लौबांज की सीएचओ सरिता गढि़या की पहल पर क्षेत्र के तल्लानाकुरी निवासी चंदन कुमार ने 20 और बसंत ने 15 साल बाद धूम्रपान और तंबाकू सेवन की लत से छुटकारा पाया है।
केस-01
स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयुष्मान आरोग्य मंदिर लौबांज की टीम ने तल्लानाकुरी गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाया। शिविर में सीएचओ गढि़या ने ग्रामीणों को तंबाकू सेवन और धूम्रपान के दुष्प्रभावों के बारे में बताया। इस दौरान 50 वर्षीय चंदन राम ने सीएचओ को 30 साल की उम्र से धूम्रपान से ग्रसित होने के बारे में बताया। इसके बाद गढि़या ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर लौबांज की ओपीडी में चंदन की काउंसलिंग की। उसके बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। वहां तत्कालीन तंबाकू निषेध परामर्शदाता ने निकोटीन थैरेपी से धूम्रपान की लत को नियंत्रित किया। वर्तमान में चंदन राम ने धूम्रपान की लत को पूरी तरह त्याग दिया है।
केस 02
क्षेत्र के रतौड़ा में आयोजित तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम में 46 वर्षीय बसंत जोशी ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर लौबांज की टीम को बताया कि वह 31 साल की उम्र से तंबाकू का अत्यधिक सेवन कर रहे हैं। कई बार कोशिश करने के बाद भी उनकी लत नहीं छूट रही है। सीएचओ गढि़या ने गांव में हर महीने आयोजित होने वाले शिविर में उन्हें तंबाकू के सेवन से होने वाले नुकसान के बारे में बताया। उनकी लत को छुड़ाने के लिए हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण को जिला अस्पताल रेफर किया गया। यहां तत्कालीन तंबाकू निषेध परामर्शदाता ने निकोटीन थैरेपी से उनकी धूम्रपान की लत को छुड़वा दिया। अब उन्होंने धूम्रपान की लत पूरी तरह मुक्ति पा ली है।
सीएचओ सरिता की मुहिम लाई रंग
सीएचओ सरिता गढि़या बीते दो साल से आयुष्मान आरोग्य मंदिर लौबांज में कार्यरत हैं। मूल रूप से गरुड़ ब्लॉक निवासी गढि़या ने इससे पहले ऊधमसिंह नगर जिले में अपनी सेवा दी थी। केंद्र को क्वालिटी एश्योरेंस कार्यक्रम के तहत एनक्वास प्रमाणपत्र दिलाने के लिए वह प्रयत्नशील है।
तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम राष्ट्रीय है। इसमें जिले के सभी सीएचओ अपने क्षेत्रों में इस पर कार्य कर रहे हैं। आगे भी ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर लगाकर लोगों को तंबाकू छोड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा। काउंसलिंग भी कराई जाएगी। -डॉ. कुमार आदित्य तिवारी, सीएमओ बागेश्वर