भराड़ी से छह किमी आगे रीठाबगड़ के पास भूस्खलन के बाद चट्टान टूटकर गिरने से हुई दिक्कत
पिंडारी ग्लेशियर जाने वाले प्रमुख मार्ग में है शुमार, बागेश्वर जिले में लगातार बदल रहा मौसम
5000 से अधिक की आबादी की लाइफलाइन है यह मार्ग
बागेश्वर/कपकोट। जिले में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। कपकोट क्षेत्र में भारी बारिश से पिंडारी ग्लेशियर को जाने वाली मुख्य सड़क सौंग-मुनार भारी भूस्खलन के कारण बंद हो गई है। यात्रियों को खतरा उठाकर पैदल आवाजाही करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
बृहस्पतिवार की रात से शुक्रवार की सुबह तड़के तक जिला मुख्यालय समेत कपकोट तहसील क्षेत्र में बादलों की गड़गड़ाहट के साथ बारिश हुई। उजाला होने के साथ मौसम बदला और धूप निकल आई। दोपहर तक हल्के बादल छाने से लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ा। कपकोट में हुई भारी बारिश के बाद सौंग-मुनार सड़क पर भराड़ी से छह किमी आगे रीठाबगड़ के समीप भूस्खलन होने के बाद चट्टान टूटकर गिर गई। भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर गिरने से पूरे दिन वाहनोंं की आवाजाही बाधित रही। लोग मलबे के ऊपर से खतरा उठाकर पैदल आरपार जाते रहे। कुछ लोगाें ने सड़क के समीप जंगल के रास्ते भी आवागमन किया। पिंडारी सड़क से सरयू और पिंडर घाटी के कई गांव जुड़े हैं। पांच हजार से अधिक की आबादी का यह मुख्य मार्ग है।
कोट-सड़क को खोलने के लिए संबंधित विभाग ने जेसीबी लगाई है। जल्द ही यातायात सुचारू करा दिया जाएगा। -शिखा सुयाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी।