एनजीटी के निर्देश पर खड़िया खदानों के निरीक्षण के लिए केंद्र सरकार की सात सदस्यीय टीम बागेश्वर पहुंची है। यह टीम खदानों के कारण पर्यावरण को होने वाली क्षति और मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों सहित तमाम बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार कर एनजीटी को सौंपेगी।
मालूम हो कि कांडा क्षेत्र की कुछ खड़िया खदानों में मनमाने तरीके से खेतों को खोदकर कृषि भूमि और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने की शिकायत नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल को की गई थी। टीडी चंदोला की ओर से की गई शिकायत को एनजीटी ने गंभीरता से लेते हुए सात सदस्यीय कमेटी गठित कर खदानों की जांच करने के निर्देश दिए थे। इस टीम में वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ सोइल एंड वाटर कोनवर्सेसियो, इंडियन ब्यूरो ऑफ माइनिंग, आईआईटी रुड़की, सेंट्रल पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड, नई दिल्ली, इंडियन काउंसिल ऑफ फारेस्ट्री रिसर्च एंड एजूकेशन और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के सीनियर साइंटिस्ट शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार सात सदस्यीय टीम पिछले दो दिनों से देलमेल और जगथली में माइनों की जांच का कार्य कर रही है। टीम में शामिल वैज्ञानिक और विशेषज्ञ खानों का निरीक्षण करने के साथ ही खदानों के साथ होने वाली पर्यावरणीय क्षति, मानव स्वास्थ्य सहित विभिन्न बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार करेगी। पूरी जांच के बाद टीम के सदस्य संयुक्त रिपोर्ट एनजीटी को सौंपेंगे।