कांडा में चारा पत्ती के पेड़ों को झूलते बिजली के तार
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जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के तार पेड़ों से होकर गुजर रहे हैं। ऐसे पेड़ों की लापिंग नहीं होने से जान का खतरा बना हुआ है। करंट लगने से झुलसने की अब तक कई घटनाएं हो चुकी हैं।
बागेश्वर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर बिजली के तार पेड़ों को छू रहे हैं। इनमें अधिकांश स्थानों पर बिजली की लाइनें चारा पत्ती वाले पेड़ों से होकर गुजर रही हैं। चारा पत्ती काटने के दौरान महिलाएं जाने-अनजाने में करंट की चपेट में आ जाती हैं। पशुओं के लिए चारा पत्ती काटने के दौरान करंट लगने की अब तक कई घटनाएं हो चुकी हैं। कपकोट और कांडा क्षेत्र में खेतों के आसपास से होकर गुजरने वाली बिजली की लाइनों के नीचे खड़े पेड़ों की लापिंग नहीं की गई है। कपकोट क्षेत्र में पिछले एक साल के भीतर ऐसे पेड़ों की चपेट में आकर झुलसने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। एक पखवाड़े पूर्व ही एक महिला की मौत हो गई थी। इसके बावजूद विभाग द्वारा पेड़ों की लापिंग करने में कोई रुचि नहीं दिखाई जा रही है। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के अधिकारियों से खतरा बने पेड़ों की लापिंग करने और बिजली की लाइनों को दुरुस्त करने की मांग की है। ऊर्जा निगम के ईई भास्कर पांडेय का कहना है कि विद्युत लाइनों को छूने वाले पेड़ों की हर साल लापिंग कराई जाती है। जल्दी ही सभी गांवों में सर्वे कर खतरा बने पेड़ों की लॉपिंग कराई जाएगी। उन्होंने बिजली के तारों को छू रहे पेड़ों से चारा पत्ती न काटने का आह्वान भी किया।