एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना सहायतित सहकारिताओं की त्रैमासिक रिव्यू बैठक में खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) विपिन चंद्र पंत ने कहा कि नकदी फसलों, शाकभाजी के उत्पादन से आमदनी दोगुनी होगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों की बाजार में अच्छी मांग है। कीमतें भी अच्छी मिल रही हैं। सहकारिता के जरिए किए जाने वाले काम हमेशा सफल होते हैं।
ब्लॉक सभागार में हुई बैठक में आजीविका परियोजना के सहायक प्रबंधक धर्मेंद्र कुमार पांडे ने मां चिल्ठा लोहारखेत, भगवती चिल्ठा कर्मी, मूल नारायण चेटाबगड़ लाथी और धरमघर की फेणीनाग स्वायत्त सहकारिताओं को ग्रामीण स्तर पर उत्पादन बढ़ाने को कहा।
वहां सहायक विकास अधिकारी (एडीओ) समाज कल्याण कालू राम वर्मा, उद्यान एनएस गढ़िया, एबीडीओ जीजी गोस्वामी, कृषि पीएस बिष्ट, अध्यक्षों में प्रेमा देवी, तारा देवी, कैलाश पाठक, हरीश पांडा, प्रकाश दानू, कमलकांत पांडे, ओमप्रकाश जोशी, केशव लाल टम्टा, वीरेंद्र सिंह गुंसाई, विशन लुम्याल आदि थे।