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कर्फ्यू में स्कूल खोलने पर प्रधानाचार्य पर केस

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बागेश्वर। कोविड कर्फ्यू का जानबूझकर उल्लंघन करना एक निजी विद्यालय को भारी पड़ गया। विद्यालय खुले होने की सूचना पर तहसील प्रशासन और पुलिस टीम ने निरीक्षण किया। गाइडलाइन का उल्लंघन कर खोले गए विद्यालय की प्रधानाचार्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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शुक्रवार की सुबह कोतवाली पुलिस को कठायतबाड़ा स्थिति कंट्रीवाइड पब्लिक स्कूल के खुले होने और किसी समारोह का आयोजन होने की सूचना मिली। सूचना की पुष्टि करने के बाद तहसीलदार नवाजिश खलीक और कोतवाल डीआर वर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो विद्यालय खुला पाया गया। बच्चे सादे और स्कूली ड्रेस में मेन गेट, खेल मैदान और कक्षा-कक्षों के भीतर मिले। प्रशासन की टीम ने प्रधानाचार्य से पूछताछ की। पूछताछ में प्रधानाचार्य डॉ. आशा तिवारी ने बताया कि विद्यालय में 12वीं के छात्रों की प्रयोगात्मक परीक्षा कराई जा रही है। इसके लिए बच्चों को शिफ्ट वाइज बुलाया गया है। तहसीलदार ने उनसे परीक्षा कराने की अनुमति और छात्र-छात्राओं की कोविड-19 परीक्षण की रिपोर्ट मांगी, जिसे वह प्रस्तुत नहीं कर सकी। इसके बाद पुलिस ने प्रधानाचार्य के खिलाफ कोविड गाइडलाइन का उल्लंघन कर जानबूझ कर बच्चों की प्रयोगात्मक परीक्षा कराने पर धारा 188/269 और 51बी आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
इधर, तहसीलदार खलीक ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की गाइडलाइन, जिला प्रशासन की ओर से लगाए गए कोरोना कर्फ्यू के दौरान धारा 144 सीआरपीसी लागू है। गाइडलाइन के अनुसार सभी सरकारी, अर्ध सरकारी और गैर सरकारी शैक्षणिक संस्थान पूर्णतया बंद हैं, केवल ऑनलाइन पढ़ाई चल रही है। नियमों की जानकारी होने के बावजूद निजी विद्यालय ने गाइडलाइन का उल्लंघन किया था। उधर, पुलिस अधीक्षक अमित श्रीवास्तव का कहना है कि मौके पर प्रधानाचार्य मौजूद थीं, इसलिए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
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