बागेश्वर डिग्री कॉलेज की कैंटीन के भवन में गिरा पेड़।
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। स्थानीय डिग्री कॉलेज की कैंटीन एक साल से बंद है। कॉलेज में करीब तीन हजार छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इसके चलते अब विद्यार्थियों को चाय, नाश्ते के लिए बाहर जाना पड़ रहा है। कैंटीन बंद रहने से छात्र-छात्राएं परेशान हैं। कॉलेज में दूरदराज से पढ़ने आई छात्राओं ने बताया कि सुबह कॉलेज के लिए घर से जल्दी निकलना पड़ता है। कॉलेज में कैंटीन नहीं है। नाश्ते के लिए दूर जाना पड़ता है। अधिकतर सड़क किनारे लगी दुकानों में मिलने वाला खाना महंगा और बासी होता है। कैंटीन बंद होने से विद्यार्थियों के अलावा प्राध्यापकों को भी नाश्ते के लिए बाहर जाना पड़ रहा है।
लंबे समय से कैंटीन बंद है। इस कारण छात्र-छात्राओं को खाने के लिए कॉलेज से बाहर जाना पड़ता है। कालेज कैंटीन को शीघ्र ही खोलने का प्रयास किया जाएगा। - सौरभ जोशी, छात्रसंघ अध्यक्ष, बागेश्वर
पूर्व में कैंटीन का ठेका जिस ठेकेदार ने लिया था, वह इसे ठीक से नहीं चला पाया। इस कारण कैंटीन बंद है। कैंटीन खोलने के लिए नये टेंडर जल्द होने वाले हैं। - डॉ. रंजना शाह, प्रभारी प्राचार्य डिग्री कॉलेज, बागेश्वर