हल्द्वानी के कुंवर कालोनी निवासी नंदन सिंह परिहार व कमला परिहार की मौत से उनके पैतृक गांव बहुली के लोग गहरे सदमे में है। ग्रामीणों को पुलिस की आत्महत्या जैसी कहानी पर विश्वास नहीं हो रहा है। ग्रामीणों व उनके भतीजे नरेंद्र सिंह परिहार ने कहा कि चाचा, चाची इस तरह का आत्मघाती कदम नहीं उठा सकते हैं।
सेवानिवृत्त सांख्यिकी अधिकारी नंदन सिंह परिहार व रिटायर्ड शिक्षिका कमला परिहार मूल रूप से बागेश्वर के बहुली गांव निवासी हैं। उनके परिजनों ने बताया कि लगभग 40 साल पहले वह हल्द्वानी में बस गए थे। मंदिर में पूजा व त्यौहारों में वह हर साल पैतृक मकान में आते रहते थे। कुछ साल पूर्व ही दंपती ने गांव के पैतृक मकान का जीर्णोद्धार किया था। गांव के लोगों ने उनकी मौत पर हैरानी जताते हुए पुलिस की कहानी को मनगढंत बताया।
गांव के प्रधान विनोद कुमार, क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रकाश कुमार सहित पारिवारिक सदस्य नरेंद्र सिंह परिहार, उमेद सिंह परिहार, राम सिंह परिहार आदि ने कहा कि दोनों ही संघर्षशील व्यक्तित्व के रहे हैं। वह आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकते हैं। जरूर इसके पीछे साजिश होगी। पुलिस को गहनता से जांच करनी वास्तविकता का पता लगाना चाहिए।