बागेश्वर। बागेश्वर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में मत प्रतिशत बढ़ाने के लिए निर्वाचन विभाग पूरा जोर लगा रहा है। स्वीप की एक टीम ने ललित मोहन जोशी के नेतृत्व में रवाईखाल, कमोल आदि गांवों में जाकर नुक्कड़ सभा और पंफलेट के माध्यम से लोगों को मतदान के महत्व की जानकारी दी। काफलीगैर, टाना आदि क्षेत्रों में राजीव निगम के नेतृत्व में टीम ने व्यापक जागरूकता अभियान चलाया। उमेश चंद्र जोशी के नेतृत्व में टीम ने गरुड़ के जिनखोला में घर-घर जाकर लोगों से अनिवार्य रूप से मतदान करने की अपील की।
निष्पक्ष मतदान के लिए प्रेरित करेगा जागरूकता रथ
बागेश्वर। विधानसभा उपचुनाव में मतदाताओं को जागरूक करने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी अनुराधा पाल ने जागरूकता रथ को रवाना किया। रथ के माध्यम से स्वीप के कर्मचारी गांव-गांव जाकर मतदाताओं को लोकतंत्र के पर्व में भागीदारी करने और शत प्रतिशत मतदान करने के लिए प्रेरित करेंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी पाल ने कहा कि मतदाताओं को बिना किसी दबाव के निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान प्रक्रिया में भाग लेकर लोकतंत्र को मजबूत करना चाहिए। उन्होंने मतदाताओं से बिना किसी प्रलोभन से प्रभावित हुए बिना मताधिकार का प्रयोग करने को कहा।
पेयजल, शिक्षा, बंदरों से सुरक्षा देने वाले को मिलेगी प्राथमिकता
बागेश्वर। बागेश्वर विधानसभा उपचुनाव को लेकर मतदाताओं ने भी अपनी तैयारी कर दी है। मतदाता अपने तरकश में समस्याओं के तीर लेकर तैयार हैं। संवाद न्यूज एजेंसी ने वज्यूला बाजार में चाय पर चर्चा कार्यक्रम के माध्यम से मतदाताओं के मुद्दों और क्षेत्रीय समस्याओं को खंगालने की कोशिश की। वज्यूला, बूंगा, मवई, अयारतोली, नौगांव के ग्रामीणों का कहना था कि जनता के मुद्दे पूर्व की तरह हैं। पेयजल, शिक्षा, जंगली सुअर और बंदरों की समस्या बनी हुई है।
व्यापारी पदम सिंह परिहार का कहना है कि वज्यूला बाजार के लिए कई दशकों से मांग करने के बाद भी पेयजल योजना नहीं बनी है। बाजार का दायरा बढ़ता जा रहा है। पेयजल संकट के कारण व्यापारी और ग्रामीणों को काफी दिक्कत झेलनी पड़ती है। नवीन चंद्र सिंह रावत का कहना है कि वज्यूला के राजकीय इंटर कॉलेज को अटल उत्कृष्ट विद्यालय का दर्जा मिला, लेकिन नए शिक्षकों की तैनाती नहीं हुई। भवन भी पुराना हो गया है। शिक्षा के क्षेत्र में काफी काम होना बाकी है।
आनंद सिंह परिहार का कहना है कि किसान इस समय सबसे अधिक परेशान है। जंगली सुअर फसल और सब्जियों के दुश्मन बने हैं। चुनाव के समय वादे करने वाले नेता बाद में भूल जाते हैं। किसान को जंगली जानवरों से सुरक्षा प्रदान करने की जरूरत है।
प्रमोद चंद्र पंत का कहना है कि बंदरों की समस्या दिन ब दिन बढ़ती जा रही है। बंदरों के कारण लोग खेतीबाड़ी का काम छोड़ने को मजबूर है तो कटखने बंदर खतरा भी बन रहे हैं।