बागेश्वर। जिले में बारिश के दौरान तीन आवासीय मकान ध्वस्त हो गए जबकि दो मकान, दो गोशाला और एक घर का आंगन क्षतिग्रस्त हो गया। कपकोट में भूस्खलन से दो मकान खतरे की जद में आ गए हैं। जिले की 11 सड़कों पर यातायात बाधित है।
जिला आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार बौड़ी निवासी जय राम पुत्र मोती राम का मकान बारिश के दौरान तीक्ष्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। बूंगा निवासी रतन राम पुत्र दीवान राम, ग्वाड़पजेना निवासी सुंदर राम पुत्र रतन राम का मकान भी ध्वस्त हो गया है। बमराडी के चंदन सिंह पुत्र डुंगर सिंह, हंसी देवी पत्नी दयाकृष्ण का मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुआ है।
ग्वाड़पजेना निवासी सुंदर राम पुत्र रतन राम और महेश राम पुत्र गौरा राम निवासी भटखोला की गोशाला क्षतिग्रस्त हुई है। प्रभावितों को आर्थिक सहायता देने की कार्यवाही की जा रही है। कपकोट से मिली जानकारी के अनुसार कपकोट निवासी दरवान सिंह, कल्याण सिंह के मकान के पीछे की पहाड़ी में भूस्खलन हो गया है। भूस्खलन से मकानों के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। इन लोगों ने आपदा प्रबंधन विभाग और राजस्व विभाग को सूचना देकर मकानों की सुरक्षा के उपाय करने की गुहार लगाई है।
आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार बीते चार जुलाई से बंद काफलीकमेड़ा सड़क पर सोमवार को भी यातायात बहाल नहीं हुआ। बालीघाट-छौना, भानी-हरसिंगियाबगड़, भयूं-गडेरा, फरसाली पल्ली, कठपुड़ियाछीना-सेराघाट, कपकोट-तेजम, कमेडीदेवी-भैंसूड़ी, कुनौली-मलसूना, बड़ेत, रिखाड़ी-वाछम सड़क पर यातायात बाधित है।
छोटे बच्चों को गधेरे से न भेजें
बागेश्वर। भनार के खनगाड़ गधेरे में स्कूली बच्चों का उफनते गधेरे को पार करने वाला वीडियो वायरल होने के बाद सोमवार को कपकोट की एसडीएम मोनिका ने माजखेत के राजस्व उप निरीक्षक से मामले की जांच कराई। एसडीएम ने अवगत कराया है कि उक्त स्थान पर बनी पुलिया वर्ष 2021-22 की अतिवृष्टि में क्षतिग्रस्त हो गई थी। गधेरे को पार करने के लिए अलग से भी रास्ता है। भनार के ग्राम प्रधान भूपाल राम ने उफनते गधेरे से बच्चों की आवाजाही न करने की अपील लोगों से की है। संवाद