बागेश्वर जिला अस्पताल में घुसा लावारिस सांड। संवाद न्यूज एजेंसी
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बागेश्वर। लावारिस जानवरों के आतंक से बाजार तो क्या आप जिला अस्पताल के भीतर भी सुरक्षित नहीं हैं। जिला अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से एक सांड़ अस्पताल में घुस गया। इससे ओपीडी में आए मरीजों और तीमारदारों में अफरातफरी मच गई। सांड़ ने इमरजेंसी से ओपीडी तक का चक्कर काट डाला। इधर अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारियों को सांड़ के भीतर घुसने की जानकारी तक नहीं है।
मंगलवार दोपहर एक बजे एक सांड़ जिला अस्पताल के आपातकालीन गेट से भीतर प्रवेश कर गया। इसके बाद टहलते हुए साड़ ओपीडी तक जा पहुंचा। इससे वहां मौजूद मरीज और तीमारदार घबराकर इधर-उधर भागने लगे। अस्पताल के कुछ कर्मचारियों और वहां खड़े लोगों ने सांड़ को भगाने का प्रयास किया, जिसके बाद सांड टहलते हुए जिला अस्पताल के मुख्य द्वार से बाहर निकल गया। लोगों ने कहा कि सांड़ शांत था, अगर वह क्रोधित या उग्र हो जाता तो बड़ी घटना को अंजाम दे सकता था। उन्होंने सांड़ के घुसने पर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई।
जिला अस्पताल में सांड़ घुसने की मुझे जानकारी नहीं है। सांड़ के किसी को नुकसान पहुंचाने की सूचना भी नहीं है। सांड़ अगर घुस गया होगा तो उसे कर्मचारियों ने बाहर निकाल दिया होगा। - एसपी त्रिपाठी, सीएमएस, जिला अस्पताल
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नगर से आवारा जानवरों को गो सदन भेजने की तैयारी चल रही है। जल्द ही नगर को आवारा जानवरों से मुक्त करा दिया जाएगा। - राजदेव जायसी, ईओ, नगरपालिका
पुलों पर सोए रहते हैं सांड़
बागेश्वर। नगर में लगातार बढ़ रहे लावारिस जानवरों के आतंक के कारण लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता है। नगर की गोमती और सरयू नदी पर बने पुलों में सांड़ सोए रहते हैं। मंदिर, अस्पताल, खेल मैदान, पार्क, बाजार हर जगह जानवरों की आवाजाही से कई बार लोगों की जान भी सांसत में फंस जाती है। नगरवासियों ने पालिका से जल्द आवारा जानवरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।