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कोरोना से टूटी परंपरा, इस बार मां दुर्गा की एक ही मूर्ति स्थापित

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बागेश्वर में देवी महोत्सव के लिए तैयार मां दुर्गा, सरस्वती, लक्ष्मी और गणेश-कार्तिकेय की मूर्ति। - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। जिला मुख्यालय कोरोना महामारी के चलते इस वर्ष दुर्गा महोत्सव प्रतीकात्मक रूप में मनाया जाएगा। दुर्गा पूजा समिति आयोजन के नौवे साल मां दुर्गा के नौ रूपों की प्रतिष्ठा करती है। इस साल केवल अष्टभुजाधारी दुर्गा मां की मूर्ति स्थापित की गई है। समिति 1984 से दुर्गा पूजा का आयोजन कर रही है। वर्ष 1993, 2002, 2011 में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की प्रतिष्ठा कर महोत्सव को विशेष रूप से मना चुकी है। इस बार भी दुर्गा के नौ स्वरूपों की प्रतिष्ठा कर आयोजन किया जाना था लेकिन कोरोना के कारण ऐसा नहीं हो सका।
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समिति के अध्यक्ष बृजकिशोर वर्मा ने बताया कि प्रथम नवरात्रि को सुबह 10 बजे दुर्गा पूजा समिति के भवन से बागनाथ मंदिर तक कलश यात्रा निकलेगी।नगर पूजा कमेटी के अध्यक्ष प्रशांत सिंह मलड़ा और संयोजक राजेंद्र उपाध्याय ने बताया कि देवी महोत्सव को कोरोना महामारी के चलते इस वर्ष सांकेतिक रूप से मनाया जाएगा। समिति ने निर्णय लिया है कि इस साल लोगों को महोत्सव में भाग लेने की अनुमति नहीं होगी। इस वर्ष स्थानीय कलाकार जगदीश नारायण ने मां दुर्गा की मूर्ति बनाई है।
कपकोट में बिना मूर्तियों के होगा दुर्गा महोत्सव
कपकोट। दुर्गा पूजा महोत्सव समिति ने कोरोना महामारी को देखते हुए सूक्ष्म रूप से महोत्सव बनाने का निर्णय लिया है। समिति के सदस्य हरीश ऐठानी ने बताया कि हिम सरयू स्कूल परिसर में सांकेतिक रूप से महोत्सव मनाया जाएगा। महोत्सव बिना मूर्तियों के संपन्न होगा।
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