जिले में होली का पर्व चरम पर है। समूचा जिला होली के मस्तीभरी होली के गीतों से सराबोर हो गया है। मंगलवार की देर रात पूरे विधि विधान से होलिका दहन हुआ। इसमें बड़ी संख्या में होल्यार शामिल हुए। वह अब 24 मार्च को होने वाली छलड़ी की तैयारी में जुट गए हैं। महिला होल्यार भी मस्ती भरी होली के गीतों के गायन में मस्त हैं।
नगर के चौरासि, नुमाइशखेत, आदर्श कालोनी, ठाकुरद्वारा, नुमाईशखेत, बिलौना, नदी गांव, द्यांगण आदि गांवों में होली के गायन चल रहे हैं। होल्यारों ने अपने गायन की शुरुआत होली खेले गिरिजापति नंदन...गाकर की। होल्यारों ने विरज में होरी रे रसिया...एक होरा सब ग्वाल खेले एक होरा गोविंद लला...समेत कई अन्य मनभावन गीतों का गायन किया। होल्यार बीच-बीच में कुमाऊंनी के गीतों पर थिरक रहे हैं।
उधर कपकोट क्षेत्र में होल्यारों ने होली के गीतों की शुरुआत हरियां पीपल द्वार सो है...गाकर की। उधर कांडा, दुग नाकुरी और कौसानी क्षेत्र में होली के मनभावन गीतों की धूम मची हुई है। महिलाएं भी होली के गीतों के गायन में देर रात तक मस्त हैं।