जिले में मस्ती भरी होली के गीतों गायन जोरों पर है। चतुर्दशी के मौके पर मंगलवार को नगर के बागनाथ समेत अन्य देव मंदिर होल्यारों के दलों से खचाखच भर गए। हाथ में चीर थामे होल्यार ढोल नगाड़ों और झांजर की मनमोहक थाप पर जमकर थिरक रहे थे।
सरयू और गोमती के पावन संगम स्थित भगवान बागनाथ के पौराणिक बागनाथ मंदिर में आरे, चामी, पंत क्वैैराली, मनकोट, द्यांगड़, खोली, विनवाल तिवाड़ी, रवांईखाल, बहुली और मोटासिमल आदि गांवों से होल्यारों के दल पहुंचे।
यहां उन्होंने शंभू तुम क्यों न खेलो होली, शिवजी चले कैलाश..., गौरा संग खेले एक होरा...हाथ मजीरा मुख पर वीणा.... दधि लूटत नंद को लाल.... जोगी आयो शहर में व्यापारी...समेत भक्तिरस के कई होली के गीतों का गायन किया। उधर कपकोट के होल्यारों ने भुरकुटी से होकर ईश्वरी भगवती मंदिर पनौरा पहुंचे। मंदिर में उन्होंने गीतों की शुरूआत हरिया पीपल द्वारे सो है...गाकर की।
उतरौड़ा, हिचौड़ी, कन्यूटी, ऐठाण, पोथिंग, असों, फरसाली, बैड़ा और तिरवाण आदि गांवों में होली के गीतों की धूम मची हुई है। उधर दुग नाकुरी तहसील के रीमा और पचार में भी होली के गीतों के गायन की धूम मची है।
उधर कांडा तहसील के नारायणगूंठ, कांडा, नाग कन्याल, खातीगांव, रावतसेरा, नरगोली, देलमेल, देवतोली, भयूूं, सानीउडियार, सिमकूना, देवलबिछराल आदि गांवों में होली के गीतों का गायन जोरों पर है। नगर समेत जिले के कई हिस्सों में महिलाएं भी जमकर होली के गीतों का जमकर गायन कर रही हैं।