खंड विकास अधिकारी संगीता आर्या ने सहकारिता के जरिए फूल, सब्जियों के उत्पादन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पहाड़ के उत्पादों की बाजार में अच्छी मांग है, इनकी अच्छी कीमत भी मिल रही है। वह आजीविका की ब्लॉक स्तरीय अनुश्रवण एवं मूल्यांकन समिति की त्रैमासिक बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं।
ब्लॉक सभागार में बीडीओ आर्या ने कहा कि पलायन पर काबू पाने में सहकारिता रामबाण साबित हो रहा है। सहकारिता के जरिए काम करने से हर कठिन काम आसान हो जाते हैं। समूह के जरिए होने वाले कार्यों की गुणवत्ता भी बेहतर रहती है।
एकीकृत आजीविका परियोजना के प्रयासों की सराहना की। आजीविका परियोजना के सहायक प्रबंधक धर्मेंद्र पांडे ने क्षेत्र में चल रहे क्रियाकलापों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने महादेव, जागनाथ, निर्मल, उज्ज्वल, भद्रकाली, कमस्यारघाटी स्वायत्त सहकारिताओं की प्रगति बताई।
सहायक प्रबंधक दीपक चंद्र ने स्थानीय उत्पाद के बाजारीकरण पर ध्यान देने को कहा। इंटरनल ऑडीटर रोहित अरोड़ा ने सहकारिताओं से अपने व्यवसाय से संबंधित रिकार्ड को व्यवस्थित बनाने को कहा। बैठक में विभिन्न सहकारिताओं के अध्यक्ष, व्यापार समन्वयकों ने प्रतिभाग किया।