भाजयुमो के जिलाध्यक्ष पद के चुनाव की तिथि अभी घोषित तो नहीं हुई है, लेकिन इस पद को लेकर चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। संभावित दावेदारों ने ताल ठोकनी शुरू कर दी है। फिलहाल सात दावेदारों के नाम चर्चाओं में हैं। संभावित दावेदारों ने गुपचुप तरीके से अपने पक्ष में माहौल बनाना शुरू कर दिया है।
भाजयुमो के जिलाध्यक्ष पद का दायित्व किसी सक्रिय और कर्मठ कार्यकर्ता को सौंपा जाना है। इसके लिए कार्यकर्ताओं की आम सहमति बनाने के प्रयास होंगे। बात न बनने पर संभावित दावेदारों के नाम का पैनल बनाकर प्रदेश नेतृत्व को भेजा जाएगा।
प्रदेश नेतृत्व भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से विचार करके किसी एक के नाम पर अपनी मोहर लगाएगा। इस पद के लिए मनीष पांडे, संजय परिहार, मनोज ओली, मुन्ना कपकोटी, आदर्श कठायत, धीरेंद्र परिहार, मटेला के बीडीसी सदस्य भूपेंद्र सिंह प्रबल दावेदार बताए जा रहे हैं।
मनीष पांडे भाजयुमो के जिला महामंत्री हैं। वह मोर्चे को सशक्त बनाने में पूरी ताकत लगाते आए हैं। दूसरे दावेदार संजय परिहार मोर्चे के प्रदेश सदस्य हैं। मोर्चे की मजबूती के लिए शुरू से काम करते रहे हैं। तीसरे दावेदार मनोज ओली एबीवीपी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य हैं।
एबीवीपी को मजबूत बनाने में उनका बड़ा योगदान बताया जाता है। चौथे दावेदार मुन्ना कपकोटी पूर्व में मोर्चे के कपकोट ब्लॉक के अध्यक्ष रह चुके हैं। मोर्चे की मजबूती के लिए उन्होंने खूब मेहनत की है। उन्हें पूर्व सीएम भगत सिंह कोश्यारी का करीबी बताया जाता है।
अन्य दावेदारों को भी मोर्चे की मजबूती के लिए किसी से पीछे नहीं बताया जा रहा है। अध्यक्ष पद पर चयन कब तक होगा इसकी तिथि अभी घोषित नहीं हुई है अलबत्ता सभी दावेदारों ने अपने स्तर से प्रयास तेज कर दिए हैं। दावेदार मोर्चे के कार्यकर्ताओं से अपने पक्ष में माहौल बनाने में लगे हैं।
वह भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से भी संपर्क कर रहे हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष उमा बिष्ट ने कहा कि मोर्चे के जिलाध्यक्ष का चुनाव आम सहमति से ही होगा। दावेदारी करना कार्यकर्ता का हक है। सबने मिलकर पार्टी को सशक्त बनाना है।